बाजार में जोरदार रैली, सेंसेक्स 950 अंक चढ़ा, HDFC बैंक और ट्रेड डील ने बढ़ाया उत्साह

मुंबई  शेयर बाजार में आज का दिन ‘डर से जीत’ की कहानी जैसा रहा. सुबह के सत्र में भारी बिकवाली के दबाव के बाद दोपहर में बाजार ने जोरदार यू-टर्न लिया. सेंसेक्स जो करीब 81,700 के स्तर तक फिसल गया था, वह तेजी से रिकवर होकर 82,689 के पास पहुंच गया. इसी तरह निफ्टी ने भी 25,159 के अपने निचले स्तर से शानदार बाउंस बैक किया और दिन के कारोबार में 25,458 के हाई तक पहुंचा. बाजार के इस टर्नअराउंड ने ट्रेडर्स के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी है. इस रिकवरी के पीछे HDFC बैंक की मजबूत खरीदारी और भारत-यूरोपीय

Wrriten By :

Editor

Published On :

जनवरी 29, 2026

Advertisements
728x90-Kanya-Sumangla-Mission-Shakti-Digital

मुंबई 

शेयर बाजार में आज का दिन ‘डर से जीत’ की कहानी जैसा रहा. सुबह के सत्र में भारी बिकवाली के दबाव के बाद दोपहर में बाजार ने जोरदार यू-टर्न लिया. सेंसेक्स जो करीब 81,700 के स्तर तक फिसल गया था, वह तेजी से रिकवर होकर 82,689 के पास पहुंच गया. इसी तरह निफ्टी ने भी 25,159 के अपने निचले स्तर से शानदार बाउंस बैक किया और दिन के कारोबार में 25,458 के हाई तक पहुंचा.

बाजार के इस टर्नअराउंड ने ट्रेडर्स के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी है. इस रिकवरी के पीछे HDFC बैंक की मजबूत खरीदारी और भारत-यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुई ट्रेड डील का बड़ा हाथ माना जा रहा है. इसके साथ ही बाजार में तकनीकी स्तर पर आई शॉर्ट कवरिंग ने भी सूचकांकों को ऊपर धकेलने में ईंधन का काम किया, जिससे शॉर्ट-टर्म सेंटिमेंट में बड़ा सुधार आया है.

बाजार के इस यू-टर्न के पीछे 3 बड़े और ठोस कारण रहे हैं
1. HDFC बैंक: इंडेक्स का ‘संकटमोचक’

बाजार की इस रिकवरी का सबसे बड़ा क्रेडिट HDFC बैंक को जाता है. इंडेक्स के इस सबसे बड़े दिग्गज शेयर में दूसरे हाफ में जबरदस्त खरीदारी देखी गई. HDFC बैंक अकेले दम पर निफ्टी और सेंसेक्स को ऊपर खींचने वाला सबसे बड़ा योगदानकर्ता (Single Biggest Contributor) बनकर उभरा.

जबरदस्त ‘शॉर्ट कवरिंग’

तकनीकी मोर्चे पर देखें तो बाजार में ‘शॉर्ट कवरिंग’ का सहारा मिला. जो ट्रेडर्स सुबह मंदी की पोजीशन बनाकर बैठे थे, वे बाजार की मजबूती देखकर फंस गए और उन्हें अपनी पोजीशन कवर करने के लिए मजबूर होना पड़ा. यह शॉर्ट कवरिंग बैंकिंग सेक्टर और बड़े मार्केट कैप वाले शेयरों में सबसे ज्यादा आक्रामक रही, जिससे इंडेक्स को रफ्तार मिली.

भारत-ईयू ट्रेड डील और FIIs की वापसी

बाजार के सेंटिमेंट को सबसे ज्यादा मजबूती भारत-ईयू एफटीए (FTA) के बाद मिले विदेशी निवेश से मिली. 28 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने कई हफ्तों की लगातार बिकवाली के बाद ₹480 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की. इस ट्रेड डील को भारत के लिए एक बड़े ‘स्ट्रक्चरल पॉजिटिव’ के रूप में देखा जा रहा है, जिससे ग्लोबल इन्वेस्टर्स का भरोसा एक बार फिर भारतीय बाजार पर लौटता दिख रहा है.

Leave a Comment