Mark Carney India visit: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी अपने चार दिवसीय (27 फरवरी से 2 मार्च) ऐतिहासिक दौरे पर भारत पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष निमंत्रण पर आई यह यात्रा पिछले कुछ वर्षों से दोनों देशों के बीच जमी ‘राजनयिक बर्फ’ को पिघलाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम मानी जा रही है। मुंबई पहुंचने पर कार्नी ने भारत की आर्थिक शक्ति को स्वीकार करते हुए इसे “दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था” बताया।
इस्लामिक देशों पर रमजान में कार्रवाई पर घिरी अमेरिका सरकार, सांसद ने उठाए गंभीर सवाल
आर्थिक साझेदारी और निवेश पर जोर

प्रधानमंत्री कार्नी ने अपनी यात्रा की शुरुआत देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से की है। इस चरण का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक सेतु को मजबूत करना है। पीएम कार्नी भारतीय और कनाडाई CEOs, वित्तीय विशेषज्ञों, निवेशकों और शिक्षाविदों के साथ संवाद करेंगे। भारत में सक्रिय कनाडाई पेंशन फंड्स के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें रणनीतिक निवेश को बढ़ावा देंगी।शनिवार (28 फरवरी) को मुंबई में आयोजित कार्यक्रमों का केंद्र भारत-कनाडा आर्थिक सहयोग, तकनीकी साझेदारी और नए निवेश अवसरों की तलाश करना है।
संबंधों को ‘पटरी’ पर लाने की कवायद
यह दौरा केवल आर्थिक नहीं, बल्कि गहरे रणनीतिक महत्व का है। 2023 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल के दौरान उपजे तनाव के बाद, भारत-कनाडा संबंधों में यह पहली बड़ी सकारात्मक हलचल है। सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मार्क कार्नी के बीच उच्च स्तरीय बैठक होगी। दोनों नेता जून (कानानास्किस) और नवंबर (जोहान्सबर्ग) में हुई संक्षिप्त मुलाकातों के बाद तय किए गए रोडमैप की समीक्षा करेंगे। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा संबंधों को सामान्य बनाने और रणनीतिक साझेदारी को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
‘ट्रूडो युग’ के विवादों से आगे बढ़ने की कोशिश
याद रहे कि 2023 में हरदीप सिंह निज्जर के मामले को लेकर दोनों देशों के बीच कड़वाहट पैदा हो गई थी, जिससे द्विपक्षीय व्यापार और वीजा प्रक्रियाओं पर बुरा असर पड़ा था। मार्क कार्नी की यह यात्रा दर्शाती है कि कनाडा अब भारत के साथ अपने रिश्तों को ‘रीसेट’ करना चाहता है।
कार्नी ने स्पष्ट किया है कि भारत के साथ साझेदारी कनाडाई श्रमिकों और व्यवसायों के लिए नए अवसर खोलेगी। उनकी पत्नी के साथ इस यात्रा पर आना और (पूर्व में ट्विटर) पर भारत की प्रशंसा करना एक सकारात्मक कूटनीतिक संदेश है।
मार्क कार्नी का यह दौरा न केवल व्यापारिक रिश्तों को मजबूती देगा, बल्कि रक्षा, तकनीक और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग के नए द्वार खोलेगा। यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि वैश्विक राजनीति में भारत की बढ़ती आर्थिक साख को नजरअंदाज करना किसी भी विकसित राष्ट्र के लिए संभव नहीं है।
अफगान हमले से दहला पाकिस्तान, PMO के नजदीक एयरस्ट्राइक की खबर से सुरक्षा अलर्ट









