Maria Corina Machado: अमेरिकी सेना द्वारा शनिवार, 3 जनवरी को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिए जाने के बाद देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस ऐतिहासिक सैन्य कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो ने इसे देश की ‘आज़ादी का क्षण’ करार दिया है। लंबे समय से अज्ञातवास में रह रही मचाडो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि वेनेजुएलावासियों के लिए दमन से मुक्ति और लोकतंत्र की बहाली का समय अब आ गया है।
Maria Corina Machado : जुलाई 2024 का विवादित चुनाव और मचाडो का संघर्ष
जुलाई 2024 में हुए राष्ट्रपति चुनाव के बाद से ही वेनेजुएला में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। उस समय राष्ट्रीय चुनाव परिषद ने निकोलस मादुरो को विजेता घोषित किया था, लेकिन विपक्ष और कई अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने इस चुनाव में भारी धांधली के आरोप लगाए थे। मारिया कोरिना मचाडो को चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया गया था, जिसके बाद एडमंडो गोंजालेज उरुतिया ने अंतिम समय में विपक्षी उम्मीदवार के रूप में मोर्चा संभाला था। चुनाव परिणामों के बाद गिरफ्तारी के डर से मचाडो छिपकर रह रही थीं। उन्हें पिछली बार पिछले महीने तब सार्वजनिक रूप से देखा गया था, जब वे नोबेल शांति पुरस्कार ग्रहण करने नॉर्वे पहुंची थीं।
एडमंडो गोंजालेज को राष्ट्रपति बनाने की मांग: संवैधानिक संकट का समाधान?
मचाडो ने अपने बयान में जोर देकर कहा कि 2024 के चुनाव के वास्तविक विजेता एडमंडो गोंजालेज उरुतिया ही हैं। उन्होंने मांग की है कि गोंजालेज को तुरंत राष्ट्रपति के रूप में अपना संवैधानिक दायित्व ग्रहण करना चाहिए। दूसरी ओर, गोंजालेज ने भी सोशल मीडिया पर सक्रिय होते हुए इस घड़ी को ‘निर्णायक’ बताया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष राष्ट्र के पुनर्निर्माण और लोकतंत्र की स्थापना के महान अभियान के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि, मादुरो की गिरफ्तारी के बाद देश में सत्ता का केंद्र कौन होगा, इसे लेकर अभी भी असमंजस बना हुआ है।
डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया: ‘शर्मनाक चुनाव’ और भविष्य की योजना
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे घटनाक्रम पर फॉक्स न्यूज से बात करते हुए निकोलस मादुरो के पिछले चुनावी परिणामों को एक ‘शर्मनाक घटना’ बताया। हालांकि, उन्होंने अभी तक आधिकारिक तौर पर मारिया मचाडो या एडमंडो गोंजालेज को सीधे समर्थन देने की पुष्टि नहीं की है। ट्रंप ने कहा कि हमें वर्तमान स्थिति और वेनेजुएला के उपराष्ट्रपति की भूमिका पर विचार करना होगा। ट्रंप प्रशासन का मुख्य ध्यान फिलहाल मादुरो पर नार्को-टेररिज्म के आरोपों के तहत कानूनी कार्रवाई करने पर है।
वेनेजुएला में गठबंधन और आलोचनाओं का दौर
भले ही मचाडो को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन मिल रहा हो, लेकिन वेनेजुएला के भीतर डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनके गठबंधन को लेकर कुछ तबकों में आलोचना भी हो रही है। आलोचकों का मानना है कि विदेशी सैन्य हस्तक्षेप से देश की संप्रभुता को खतरा हो सकता है। बावजूद इसके, काराकस की सड़कों पर एक बड़ा वर्ग मादुरो के शासन के अंत की खबरों के बीच भविष्य की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है। अमेरिका और पश्चिमी देशों द्वारा 2018 और 2024 की जीत को ‘धोखाधड़ी’ करार देने के बाद अब वेनेजुएला एक नए राजनीतिक युग की दहलीज पर खड़ा है।










