Manipur Violence: मणिपुर में हालात सामान्य होने का नाम नहीं ले रहे हैं। कांगपोकपी जिले में मंगलवार, 1 सितंबर की तड़के एक बार फिर हिंसा भड़क उठी। हथियारबंद हमलावरों ने लियांगमई नगा समुदाय के तीन गांवों को निशाना बनाया। इस दौरान जमकर गोलीबारी हुई और कई घरों में आग लगा दी गई। घटना में एक ग्रामीण के गोली लगने से घायल होने की भी खबर है। लगातार हो रही हिंसा के कारण इलाके में तनाव का माहौल है और स्थानीय लोग दहशत में हैं।
तड़के चार बजे तीन गांवों में हुआ हमला
पुलिस के अनुसार, हमला मंगलवार सुबह करीब 4 बजे टापोन खुल्लेन, टापोन खुनौ और माकुई पिपुराम गांव में हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हथियारबंद लोगों ने पहले गांवों में गोलीबारी शुरू की और इसके बाद कई मकानों तथा अन्य संपत्तियों को निशाना बनाते हुए आगजनी की। अचानक हुई गोलीबारी और आगजनी से ग्रामीणों के बीच अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों ने अतिरिक्त बलों को इलाके में भेजा।
सुरक्षा बलों के पहुंचने के बाद भी जारी रही फायरिंग
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी सीआरपीएफ, उसकी कोबरा इकाई और मणिपुर पुलिस के अतिरिक्त जवानों को घटनास्थल पर तैनात किया गया। सुरक्षा बलों ने गांवों के साथ-साथ आसपास के इलाकों में भी तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बावजूद रुक-रुककर गोलीबारी कई घंटों तक जारी रही। बताया गया कि फायरिंग करीब दोपहर 12:30 बजे तक चलती रही।
आगजनी में 30 से ज्यादा घर प्रभावित
सुरक्षा बलों की शुरुआती जांच में कम से कम 30 घरों के जलने या क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है। आगजनी के दौरान कई वाहन और दूसरी निजी संपत्तियां भी नष्ट होने की बात कही गई है। अधिकारियों का कहना है कि नुकसान का विस्तृत आकलन अभी किया जा रहा है। ऐसे में प्रभावित मकानों और संपत्तियों की अंतिम संख्या जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
एक ग्रामीण गोली लगने से घायल
हमले के दौरान एक ग्रामीण के गोली लगने से घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायल व्यक्ति को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। वहीं, सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया है ताकि हमलावरों का पता लगाया जा सके। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल गांवों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना और किसी भी नई हिंसक घटना को रोकना है।
एक दिन पहले तीन कुकी नागरिकों की हुई थी मौत
कांगपोकपी में यह हिंसा सोमवार को तैखांग कुकी गांव में हुई गोलीबारी के ठीक एक दिन बाद हुई। उस घटना में दो महिलाओं समेत तीन कुकी नागरिकों की मौत हुई थी, जबकि चार अन्य लोग घायल बताए गए थे। लगातार दो दिनों में हुई हिंसक घटनाओं ने क्षेत्र में तनाव और बढ़ा दिया है। दोनों घटनाओं के बाद सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है।
कांगपोकपी और तामेंगलॉन्ग में लगातार तनाव
इम्फाल-तामेंगलॉन्ग रोड से सटे कांगपोकपी और तामेंगलॉन्ग जिलों में पिछले कुछ समय से हिंसा और जवाबी हमलों की घटनाएं सामने आती रही हैं। 13 मई के बाद अलग-अलग घटनाओं में कुकी-जो और नगा समुदायों से जुड़े कम से कम 17 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। 27 अगस्त को हुए घात लगाकर किए गए हमले में चार नगा नागरिक मारे गए थे, जबकि 31 अगस्त की घटना में तीन कुकी नागरिकों की जान गई थी।
हमलों की जिम्मेदारी अब तक किसी ने नहीं ली
लगातार हिंसा और जवाबी हमलों के बावजूद अब तक किसी संगठन ने इन घटनाओं की आधिकारिक जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है। सुरक्षा एजेंसियां हमलावरों की पहचान करने के साथ-साथ हिंसा के पीछे की वजहों का पता लगाने में जुटी हैं। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। स्थानीय स्तर पर शांति बनाए रखने और स्थिति को और बिगड़ने से रोकने की कोशिश जारी है।
हिंसा के बीच ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
लगातार हो रही गोलीबारी और आगजनी ने प्रभावित गांवों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। घरों और वाहनों के नुकसान के साथ सुरक्षा को लेकर भी लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। अब सुरक्षा बलों की कार्रवाई और प्रशासनिक प्रयासों पर नजर है कि क्षेत्र में स्थिति कितनी जल्दी सामान्य होती है। आने वाले दिनों में किसी नई हिंसक घटना को रोकना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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