Manipur News: चुराचांदपुर में कुकी नेता के घर पर भीड़ का हमला, सुरक्षा बलों ने छोड़े आंसू गैस के गोले

मणिपुर के चुराचांदपुर में कुकी-ज़ो काउंसिल के अध्यक्ष एच. थांगलेट के घर पर उग्र भीड़ ने हमले की कोशिश की। गुवाहाटी में हुई शांति वार्ता के एक दिन बाद हुए इस विरोध प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। मई 2023 से जारी जातीय हिंसा के बीच यह नई घटना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 23, 2026

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Manipur News: मणिपुर का चुराचांदपुर जिला एक बार फिर जातीय संघर्ष की आग में झुलसता नजर आ रहा है। रविवार को जिला मुख्यालय में उस समय स्थिति अनियंत्रित हो गई जब उत्तेजित युवाओं के एक बड़े समूह ने कुकी समुदाय के प्रभावशाली नेता के आवास को निशाना बनाने की कोशिश की। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों को बल प्रयोग करना पड़ा। इलाके में तनाव व्याप्त है और प्रशासन ने शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा टुकड़ियों को संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दिया है।

कब हुई उपद्रव की घटना ?

अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उपद्रव की यह घटना रविवार दोपहर उस समय शुरू हुई जब सैकड़ों की संख्या में युवक कुकी-ज़ो काउंसिल (KZC) के अध्यक्ष एच. थांगलेट के घर के बाहर एकत्रित हो गए। भीड़ ने न केवल नारेबाजी की, बल्कि घर के परिसर के भीतर घुसने का प्रयास करते हुए भारी पथराव भी किया। सुरक्षा बलों ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया। घंटों की मशक्कत के बाद भीड़ को पीछे धकेला जा सका, हालांकि इस दौरान स्थानीय निवासियों में भारी दहशत का माहौल देखा गया।

गुवाहाटी में हुई ‘सद्भावना बैठक’ के बाद उपजा आक्रोश

हैरानी की बात यह है कि हिंसा की यह वारदात वाई. खेमचंद सिंह और कुकी-ज़ो काउंसिल के प्रतिनिधियों के बीच गुवाहाटी में हुई एक महत्वपूर्ण “सद्भावना बैठक” के ठीक एक दिन बाद हुई है। इस “आइस-ब्रेकिंग सेशन” का उद्देश्य मणिपुर में जारी जातीय तनाव को कम करना और समुदायों के बीच विश्वास बहाली करना था। लगभग पौने दो घंटे चली इस चर्चा को सकारात्मक माना जा रहा था, लेकिन धरातल पर युवाओं के विरोध ने यह संकेत दिया है कि शांति बहाली की राह अभी भी कांटों भरी है। प्रदर्शनकारी नेता के शांति वार्ताओं में शामिल होने के तरीके से असंतुष्ट नजर आ रहे थे।

एन. बीरेन सिंह की सरकार के प्रति कुकी समुदाय का रुख

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस सप्ताह की शुरुआत में मुख्यमंत्री के सचिव ने केजेडसी अध्यक्ष हेनलियानथांग थांगलेट को एक औपचारिक पत्र लिखकर मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने हेतु चर्चा का अनुरोध किया था। इस पर थांगलेट ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा था कि यदि एन. बीरेन सिंह अभी भी मुख्यमंत्री पद पर होते, तो कुकी समुदाय इस बैठक का हिस्सा कभी नहीं बनता। उन्होंने संकेत दिया कि मणिपुर में राष्ट्रपति शासन हटने के बाद बनी नई सरकार के प्रति उनके लचीले रुख के कारण ही वे बातचीत की मेज पर आए हैं, जो कि कट्टरपंथी गुटों को रास नहीं आ रहा है।

मई 2023 से जारी मणिपुर जातीय संघर्ष

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, मणिपुर में मई 2023 से शुरू हुई भयानक जातीय हिंसा में अब तक 260 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और हजारों बेघर हुए हैं। फरवरी 2025 में लगे राष्ट्रपति शासन के बाद इसी साल फरवरी में खेमचंद सिंह के नेतृत्व में गठित नई सरकार के सामने अब कानून-व्यवस्था बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है। चुराचांदपुर की ताजा घटना ने साबित कर दिया है कि ज़मीनी स्तर पर नाराजगी अभी भी बरकरार है। फिलहाल, समूचे जिले में सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया गया है और ड्रोन के जरिए उपद्रवियों पर नजर रखी जा रही है।

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