Manipur Ukhrul Violence : मणिपुर के उखरुल में फिर भड़की हिंसा, ड्यूटी पर तैनात BSF जवान की गोली मारकर हत्या, इलाके में भारी तनाव

मणिपुर के उखरुल में एक बार फिर शांति भंग हुई है, जहाँ ड्यूटी निभा रहे एक बीएसएफ जवान की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस अचानक हुए हमले ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है। क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है? जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

Manipur Ukhrul Violence

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 11, 2026

Manipur Ukhrul Violence :  मणिपुर के अशांत उखरुल जिले में शुक्रवार को एक बेहद दुखद घटना सामने आई, जहां ड्यूटी पर तैनात बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के एक कांस्टेबल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कांस्टेबल मिथुन मंडल शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे अपनी यूनिट के साथ नियमित पेट्रोलिंग पर थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर घात लगाकर हमला किया। गोली लगने के बाद मंडल गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें आनन-फानन में इंफाल के एक अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद शाम करीब 6 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

शहीद जवान का परिचय और बटालियन का विवरण

शहीद कांस्टेबल मिथुन मंडल पश्चिम बंगाल के भगजन टोला गांव के मूल निवासी थे। वे बीएसएफ की 170 बटालियन में अपनी सेवाएं दे रहे थे। देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए मणिपुर जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में तैनात मिथुन मंडल ने कर्तव्य की वेदी पर अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। उनकी शहादत की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। सैन्य सम्मान के साथ उनके पार्थिव शरीर को उनके गृह राज्य भेजने की तैयारी की जा रही है।

जातीय तनाव की पृष्ठभूमि: कुकी और नागा समुदायों के बीच संघर्ष

मणिपुर में जारी हिंसा का यह नया अध्याय फरवरी में शुरू हुई जातीय झड़पों से जुड़ा हुआ है। उखरुल जिले के कुकी बहुल गांव मोंगकोट चेपू और पड़ोसी तांगखुल नागा क्षेत्रों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। हाल के हफ्तों में इन दोनों समुदायों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी की घटनाएं रिपोर्ट की गई हैं। इसी अस्थिर माहौल को नियंत्रित करने और शांति बहाल करने के लिए बीएसएफ की टुकड़ियों को तैनात किया गया था, जो लगातार संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रही हैं।

शराब के नशे में हुआ मामूली विवाद बना बड़ी हिंसा का कारण

इस क्षेत्र में मौजूदा तनाव की जड़ें 7 फरवरी की एक घटना में छिपी हैं। लितान सरेइखोंग इलाके में शराब के नशे में हुए एक मामूली झगड़े ने भीषण सांप्रदायिक रूप ले लिया था। इस विवाद में तांगखुल नागा समुदाय के ‘स्टर्लिंग’ नामक व्यक्ति के साथ मारपीट की गई थी, जिसके बाद हिंसा भड़क उठी। उपद्रवियों ने प्रतिशोध में 25 घरों और चार सरकारी आवासों को आग के हवाले कर दिया था। स्थिति को बिगड़ता देख प्रशासन ने पूरे जिले में कर्फ्यू लगा दिया था और इंटरनेट सेवाएं भी पांच दिनों के लिए निलंबित कर दी गई थीं।

मुख्यमंत्री की निंदा और सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन

कांस्टेबल मिथुन मंडल की हत्या पर मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अपने बयान में कहा, “मैं बहादुर जवान मिथुन मंडल की शहादत की कड़ी निंदा करता हूं। पश्चिम बंगाल के इस वीर सपूत के बलिदान को राष्ट्र हमेशा याद रखेगा।” दूसरी ओर, मणिपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हमलावरों को बख्शा नहीं जाएगा। सुरक्षा बलों ने पूरे उखरुल और आसपास के जंगलों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान (सर्च ऑपरेशन) शुरू कर दिया है। फिलहाल किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन पुलिस संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है।

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