Manipur News: मणिपुर में लंबे समय से लागू राष्ट्रपति शासन का औपचारिक रूप से अंत हो गया है। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। गौरतलब है कि राज्य में लगातार हिंसा और बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति के चलते पिछले वर्ष फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था। अब नई सरकार के गठन के साथ ही राज्य में संवैधानिक प्रक्रिया पूरी तरह बहाल हो गई है।
हिंसा के बाद लगाया गया था राष्ट्रपति शासन
मणिपुर में जातीय और सामाजिक तनाव के चलते हालात लगातार बिगड़ते चले गए थे। हिंसक घटनाओं, प्रशासनिक चुनौतियों और राजनीतिक अस्थिरता के कारण केंद्र सरकार को राष्ट्रपति शासन का सहारा लेना पड़ा था। इस दौरान राज्य का प्रशासन सीधे केंद्र के नियंत्रण में रहा। अब हालात में सुधार और राजनीतिक सहमति बनने के बाद राष्ट्रपति शासन हटाने का फैसला किया गया है।गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि अनुभवी और दूरदर्शी नेतृत्व के अंतर्गत मणिपुर अब शांति, विकास और सुशासन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए तैयार है। बयान में यह भी कहा गया कि राज्य में स्थिरता और प्रगति के एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है, जिससे आम जनता को बेहतर प्रशासन और सुरक्षा का भरोसा मिलेगा।
वाई खेमचंद सिंह ने पेश किया सरकार बनाने का दावा
राष्ट्रपति शासन समाप्त होने से पहले 62 वर्षीय वाई खेमचंद सिंह ने लोक भवन पहुंचकर राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया। सिंह के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के प्रतिनिधिमंडल ने मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में चुराचांदपुर और फेरजॉल जैसे कुकी-जो बहुल जिलों के दो विधायक भी शामिल थे, जो राजनीतिक संतुलन के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं।
आज शाम मुख्यमंत्री पद की शपथ
वाई खेमचंद सिंह आज यानी 4 फरवरी 2026 को मणिपुर के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह शाम 6 बजे लोक भवन में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर सुबह से ही तैयारियां शुरू हो गई हैं। भाजपा की मणिपुर इकाई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए इस शपथ ग्रहण की पुष्टि की है।
बीजेपी और एनडीए में नेतृत्व पर सहमति
वाई खेमचंद सिंह को मंगलवार को नई दिल्ली में पहले बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया था। इसके बाद उन्हें एनडीए विधायक दल का भी नेता नियुक्त किया गया। यह चयन पार्टी के भीतर व्यापक सहमति के बाद किया गया। बीजेपी विधायक थोंगबम बिस्वजीत ने पहले ही संकेत दिए थे कि मुख्यमंत्री के साथ पांच अन्य विधायक भी मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
नई सरकार से शांति और विकास की उम्मीद
नई सरकार के गठन के साथ ही मणिपुर में शांति बहाली, पुनर्निर्माण और विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। लंबे समय के बाद चुनी हुई सरकार के आने से राज्य में राजनीतिक स्थिरता लौटने की संभावना है। अब सभी की नजरें वाई खेमचंद सिंह की अगुवाई में बनने वाली सरकार के पहले फैसलों और प्राथमिकताओं पर टिकी हैं।










