Mamata Banerjee: टीएमसी पर ED का बड़ा एक्शन, कई ठिकानों पर छापेमारी, करोड़ों के बैंक खातों की जांच शुरू

पश्चिम बंगाल में टीएमसी से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन मामले में ईडी की कार्रवाई ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। कई ठिकानों पर छापेमारी और करोड़ों रुपये के बैंक खातों की जांच के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में आगे कौन से नए तथ्य सामने आते हैं।

टीएमसी पर ED का बड़ा एक्शन

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 8, 2026

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Mamata Banerjee: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल में कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से संबंधित बैंक खातों और संस्थाओं पर बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने लगभग 440 करोड़ रुपये के बैंक खातों की जांच शुरू करते हुए राज्य के पांच अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई उन बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच के तहत की गई है, जिन पर विधानसभा चुनाव के बाद संदिग्ध गतिविधियों के आरोप सामने आए थे।

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संदिग्ध लेनदेन और फंड ट्रांसफर की जांच

ईडी के अनुसार, जांच का केंद्र ऐसे बैंक खाते हैं जिनका उपयोग कथित तौर पर धन एकत्र करने और विभिन्न संस्थाओं के बीच बड़ी रकम स्थानांतरित करने के लिए किया गया। इन खातों पर पहले ही डेबिट फ्रीज लगाया जा चुका था। अब एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन खातों में जमा धन का स्रोत क्या था और उसका उपयोग किन उद्देश्यों के लिए किया गया। पूरे मामले की जांच मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत की जा रही है।

केयरवेल ग्रुप की कंपनियां जांच के घेरे में

जांच के दौरान ईडी ने एविएशन क्षेत्र से जुड़ी केयरवेल ग्रुप की कंपनियों को भी जांच के दायरे में रखा है। एजेंसी का दावा है कि अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) के खातों से करीब 160 करोड़ रुपये केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे संबद्ध एक अन्य कंपनी को भेजे गए। इसके बाद कथित तौर पर इस कंपनी ने वर्ष 2023 से 2026 के दौरान लगभग 82.96 करोड़ रुपये अपनी ही एक नई कंपनी के खाते में स्थानांतरित कर दिए। ईडी इन सभी वित्तीय लेनदेन की कड़ी जांच कर रही है ताकि धन के वास्तविक उपयोग और उसके उद्देश्य का पता लगाया जा सके।

विमान और हेलीकॉप्टर खरीद में धन के इस्तेमाल का दावा

ईडी की छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी को जानकारी मिली कि इन पैसों का एक बड़ा हिस्सा विमान और हेलीकॉप्टर खरीदने में लगाया गया। एजेंसी के अनुसार, इस धन से एक एम्ब्रेयर लेगेसी 600 विमान और अगस्ता 109 एसपी हेलीकॉप्टर खरीदे गए, जिनकी कुल कीमत लगभग 112 करोड़ रुपये बताई गई है। जांच एजेंसी का यह भी दावा है कि हेलीकॉप्टर की खरीद में कुछ विदेशी फंड का उपयोग हुआ, जबकि अधिकांश राशि सीधे एआईटीसी के बैंक खातों से आई थी। इन दावों की पुष्टि के लिए एजेंसी दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

विमान किराये पर देने के मॉडल की भी जांच

ईडी के मुताबिक, विमान और हेलीकॉप्टर खरीदने के बाद इन्हें कथित तौर पर किराये पर तृणमूल कांग्रेस को ही उपलब्ध कराया गया। इसके बदले बड़ी राशि का भुगतान किया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि प्रथम दृष्टया पूरा वित्तीय ढांचा संदिग्ध प्रतीत होता है और यह जांच की जा रही है कि इन लेनदेन का वास्तविक उद्देश्य क्या था।

राजनीतिक हलकों में तेज हुई बयानबाजी

ईडी की इस कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करार दिया है।

सूत्रों के अनुसार, जिन स्थानों पर छापेमारी की गई, उनमें केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का कार्यालय भी शामिल है। आरोप है कि यह कंपनी पहले टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं, जिनमें ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के नाम भी सामने आए हैं, को चार्टर्ड विमान उपलब्ध कराती थी। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

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मामला पहुंचा अदालत, जांच जारी

इस पूरे मामले में खातों पर लगी रोक को चुनौती देते हुए संबंधित पक्ष ने कोलकाता हाईकोर्ट का रुख किया था, लेकिन अदालत ने तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया। इसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू से जांच को और तेज कर दिया है। एजेंसी अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बैंक खातों में मौजूद बड़ी राशि का स्रोत क्या था और उसका उपयोग किन गतिविधियों में किया गया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है।

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