West Bengal Election : ममता बनर्जी का पीएम मोदी पर तीखा तंज, क्या दिल्ली की प्रदूषित यमुना में डुबकी लगाएंगे प्रधानमंत्री?

बंगाल चुनाव 2026 के बीच ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री मोदी के गंगा प्रेम पर सवाल उठाते हुए उन्हें दिल्ली की यमुना में डुबकी लगाने की चुनौती दे डाली है। ममता का दावा है कि दिल्ली की यमुना जहरीली हो चुकी है, जबकि बंगाल की गंगा स्वच्छ है। क्या यह तंज चुनाव का रुख बदलेगा?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 25, 2026

West Bengal Election :  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बंगाल दौरे और गंगा में नौका विहार को लेकर तीखा हमला बोला है। चुनावी माहौल के बीच, ममता बनर्जी ने पीएम के इस कार्यक्रम को ‘फोटो सेशन’ करार देते हुए दिल्ली की प्रदूषित यमुना नदी का मुद्दा उठाकर केंद्र सरकार को घेरा।

गंगा की स्वच्छता पर गर्व और यमुना की स्थिति पर सवाल

हावड़ा में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल की गंगा में नौका विहार का आनंद इसलिए ले पाए क्योंकि उनकी सरकार ने नदी को स्वच्छ रखा है। उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री को चुनौती देते हुए पूछा कि क्या वे दिल्ली की यमुना नदी में भी इसी तरह डुबकी लगा सकते हैं? मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार दिल्ली की यमुना को संभालने में पूरी तरह विफल रही है, जो आज अत्यधिक प्रदूषित हो चुकी है। उन्होंने कहा, “आप हमारी गंगा में आकर तस्वीरें खिंचवाते हैं, लेकिन अपनी नाक के नीचे बह रही यमुना की सुध नहीं लेते।”

‘फोटोशॉप राजनीति’ और चुनावी प्रोपेगेंडा का आरोप

मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी के नौका विहार को ‘फोटोशॉपिंग’ और विशुद्ध रूप से चुनावी राजनीति का हिस्सा बताया। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि गंगा सागर और चंदननगर जैसे क्षेत्रों में वह स्वयं भी अक्सर जाती हैं, लेकिन उनका उद्देश्य फोटो खिंचवाना नहीं होता। ममता के अनुसार, प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल राजनीतिक लाभ के लिए आयोजित एक सुनियोजित कार्यक्रम था ताकि जनता को गुमराह किया जा सके। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बंगाल की नदियों की सुंदरता और स्वच्छता राज्य सरकार के प्रयासों का परिणाम है, जिसका श्रेय प्रधानमंत्री लेने की कोशिश कर रहे हैं।

झालमुड़ी कार्यक्रम और ‘मछली-चावल’ की चुनौती

झाड़ग्राम में प्रधानमंत्री द्वारा झालमुड़ी खाने के वाकये पर भी ममता बनर्जी ने सवाल उठाए। उन्होंने इसे एक स्क्रिप्टेड शो बताते हुए कहा कि दुकान के अंदर पहले से कैमरे लगे थे और झालमुड़ी तैयार रखी गई थी। उन्होंने व्यंग्य किया, “क्या कोई विश्वास कर सकता है कि प्रधानमंत्री अपनी जेब में 10 रुपये का नोट लेकर चलते हैं?” मुख्यमंत्री ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री को बंगाल के पारंपरिक ‘मछली-चावल’ (माछ-भाथ) का स्वाद चखने का निमंत्रण दिया और कहा कि अगर वे सच में बंगाल से प्यार करते हैं, तो वे स्वयं उनके लिए खाना पकाएंगी।

अभिषेक बनर्जी का कटाक्ष: पीएम मोदी बंगाल के ‘ब्रांड एंबेसडर’

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी प्रधानमंत्री पर अनोखे ढंग से निशाना साधा। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में पीएम मोदी को बंगाल पर्यटन का ‘सबसे बड़ा ब्रांड एंबेसडर’ घोषित कर दिया। अभिषेक ने कहा कि प्रधानमंत्री की रील और वीडियो से ही दुनिया को पता चल रहा है कि ममता बनर्जी के शासन में बंगाल की सड़कें और नदियां कितनी खूबसूरत हो गई हैं। उन्होंने सवाल किया कि ये नेता केवल चुनाव के समय ही बंगाल क्यों आते हैं? उन्हें साल भर यहां आकर विकास देखना चाहिए।

विकास बनाम विज्ञापन की जंग

ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के इन बयानों ने साफ कर दिया है कि तृणमूल कांग्रेस प्रधानमंत्री के दौरों को राज्य की उपलब्धियों के विज्ञापन के रूप में देख रही है। जहाँ भाजपा इसे जनता से जुड़ने का जरिया बता रही है, वहीं टीएमसी इसे दिल्ली की विफलताओं (जैसे यमुना प्रदूषण) को छिपाने और बंगाल के विकास का श्रेय चुराने की कोशिश मान रही है। बंगाल के चुनावी समर में अब ‘गंगा बनाम यमुना’ का यह मुद्दा और भी गहराता नजर आ रहा है।

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