Budget 2026: ममता बनर्जी का भीषण प्रहार, क्या बंगाल को एक पैसा नहीं मिला?

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय बजट 2026 को 'दिशाहीन' और 'कचरा' करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राज्य का पैसा लेकर उसे ही देने का नाटक कर रही है। महिलाओं, एससी-एसटी और राज्यों की अनदेखी के बीच क्या यह बजट वाकई देश को विनाश की ओर ले जाएगा? जानिए ममता का पूरा बयान!

Budget 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 1, 2026

Budget 2026 :पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह बजट न तो देश की महिलाओं के हित में है और न ही राज्यों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखता है। ममता बनर्जी के अनुसार, बजट में बड़े-बड़े दावे किए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका कोई ठोस असर दिखाई नहीं देता। उन्होंने आशंका जताई कि इस तरह का बजट देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के बजाय नुकसान पहुंचा सकता है।

महिलाओं के सशक्तिकरण पर सवाल

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विशेष रूप से महिलाओं को लेकर बजट की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण की बातें तो लगातार करती है, लेकिन बजट में महिलाओं के लिए कोई ठोस और प्रभावी प्रावधान नहीं किया गया है। उनके मुताबिक, न रोजगार, न सुरक्षा और न ही स्वास्थ्य या शिक्षा से जुड़े किसी विशेष कार्यक्रम के लिए पर्याप्त फंड का प्रावधान किया गया है, जिससे महिलाओं को वास्तविक लाभ मिल सके।

पश्चिम बंगाल के साथ भेदभाव का आरोप

ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय बजट में पश्चिम बंगाल को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के लिए एक भी नई योजना या वित्तीय सहायता की घोषणा नहीं की गई। मुख्यमंत्री के अनुसार, केंद्र सरकार लगातार बंगाल के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है और राज्य को उसके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने इसे संघीय ढांचे की भावना के खिलाफ बताया।

राज्यों की जरूरतों की अनदेखी

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट केवल केंद्र की प्राथमिकताओं पर आधारित है और इसमें राज्यों की समस्याओं और जरूरतों को कोई महत्व नहीं दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यों को मिलने वाले संसाधनों में कटौती की जा रही है, जिससे विकास कार्य प्रभावित होंगे। ममता बनर्जी के अनुसार, मजबूत भारत के लिए मजबूत राज्यों की जरूरत होती है, लेकिन यह बजट उस दिशा में मददगार नहीं है।

चुनाव आयोग और एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप

ममता बनर्जी ने बजट के साथ-साथ राजनीतिक माहौल को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में केवल SIR की प्रक्रिया चल रही है और चुनाव आयोग व अन्य केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। उनका आरोप था कि संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक बजट

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि यह बजट देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के बजाय कमजोर करेगा। उन्होंने कहा कि इसमें आम जनता, गरीबों, किसानों और मध्यम वर्ग के लिए कोई ठोस राहत नहीं है। केवल घोषणाओं और आंकड़ों के जरिए बजट को आकर्षक दिखाने की कोशिश की गई है, लेकिन जमीनी सच्चाई इससे अलग है।

कॉरिडोर योजनाओं पर उठाए सवाल

बजट में तीन नए कॉरिडोर बनाए जाने के दावों को भी ममता बनर्जी ने पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ये दावे केवल दिखावटी हैं और इनके लिए कोई स्पष्ट रोडमैप या समयसीमा तय नहीं की गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, बिना ठोस योजना के ऐसी घोषणाएं केवल जनता को गुमराह करने का माध्यम हैं।

बजट को बताया दिशाहीन

अपने बयान के अंत में ममता बनर्जी ने कहा कि यह केंद्रीय बजट पूरी तरह दिशाहीन है। इसमें न तो भविष्य की कोई स्पष्ट रणनीति दिखाई देती है और न ही राज्यों, महिलाओं और आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान। उन्होंने दोहराया कि इस बजट से देश को आगे बढ़ाने के बजाय असमंजस और असंतोष ही बढ़ेगा।