UP News: ममता पर कथित हमले से गरमाई राजनीति, अखिलेश यादव ने दिया बड़ा बयान

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर कथित हमले को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए ममता की सुरक्षा को सरकार की जिम्मेदारी बताया। हलीसहर में हुए विरोध के बाद ममता ने भाजपा पर आरोप लगाए, जबकि BJP ने आरोपों को खारिज किया। FCRA पर भी अखिलेश ने केंद्र को घेरा।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 10, 2026

UP News: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी के काफिले पर हुए कथित हमले को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है। अखिलेश यादव ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में किसी वरिष्ठ और निर्वाचित पूर्व मुख्यमंत्री के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद दुखद और निंदनीय है। अखिलेश यादव ने कहा कि ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं और देश की वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। ऐसे में उनके साथ कथित तौर पर हुई घटना लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

ममता बनर्जी की सुरक्षा को सरकार की जिम्मेदारी बताया

अखिलेश यादव ने कहा कि अगर ममता बनर्जी के काफिले के साथ हुई घटना के पीछे सरकार या सरकार से जुड़े लोग हैं, तो यह और भी गंभीर एवं निंदनीय विषय है। उन्होंने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन किसी पूर्व निर्वाचित मुख्यमंत्री का अपमान नहीं होना चाहिए। सपा प्रमुख ने ममता बनर्जी की चुनावी स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह बहुत बड़े अंतर से चुनाव नहीं हारी थीं और यदि केंद्रीय बलों की तैनाती नहीं हुई होती तो चुनाव परिणाम अलग हो सकते थे। अखिलेश ने कहा कि ममता बनर्जी को पर्याप्त सुरक्षा मिलनी चाहिए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

FCRA को लेकर केंद्र सरकार पर अखिलेश यादव का हमला

ममता बनर्जी के काफिले की घटना के अलावा अखिलेश यादव ने FCRA यानी विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार पहले यह बताए कि भारत से कितना पैसा विदेश जा रहा है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि विदेश से भारत में आने वाले धन पर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं, लेकिन भारत से बाहर जाने वाले धन को लेकर वैसी सख्ती नहीं दिखाई जा रही। उन्होंने कहा कि जब से भाजपा सत्ता में आई है, तब से पैसे वालों के अच्छे दिन आए हैं।

FCRA को लेकर अल्पसंख्यकों को परेशान करने का आरोप

सपा अध्यक्ष ने FCRA को लेकर आगे आरोप लगाया कि इस कानून का इस्तेमाल अल्पसंख्यक समुदाय को परेशान करने और एक विशेष संदेश देने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि असली सवाल यह है कि भारत का कितना पैसा देश से बाहर चला गया है।अखिलेश यादव के इस बयान के बाद FCRA को लेकर केंद्र और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस और तेज होने के संकेत हैं। उन्होंने सरकार से आर्थिक मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठाए।

हलीसहर में ममता बनर्जी के काफिले का हुआ था विरोध

दरअसल, 9 अगस्त को पश्चिम बंगाल के हलीसहर में कथित पुलिस हिरासत में मारे गए टीएमसी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने पहुंचीं ममता बनर्जी को विरोध का सामना करना पड़ा था। रिपोर्टों के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने उनके काफिले को रास्ते में रोक दिया। काफिला रुकने के दौरान प्रदर्शन जारी रहा। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने ममता बनर्जी की गाड़ी पर कीचड़ लगाया और जूते-चप्पल फेंके। इस दौरान उनके खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया गया।

ममता बनर्जी ने घटना के लिए BJP को ठहराया जिम्मेदार

घटना के बाद ममता बनर्जी ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए स्थानीय ग्रामीणों को जिम्मेदार मानने से इनकार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना स्थानीय लोगों ने नहीं, बल्कि भाजपा के गुंडों द्वारा सुनियोजित तरीके से कराई गई। ममता बनर्जी के इस आरोप के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई। TMC ने जहां घटना को लेकर सवाल उठाए, वहीं भाजपा ने ममता बनर्जी के आरोपों को खारिज कर दिया।

BJP ने ममता के आरोपों को नकारा, घटना की निंदा की

ममता बनर्जी के आरोपों पर भाजपा की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री के आरोपों को खारिज करते हुए घटना की निंदा की। पार्टी ने घटना को लेकर अपना पक्ष रखते हुए राजनीतिक आरोपों पर आपत्ति जताई।इस पूरे घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर TMC और BJP के बीच टकराव को सामने ला दिया है। वहीं, अखिलेश यादव के ममता बनर्जी के समर्थन में बयान देने के बाद यह मामला पश्चिम बंगाल से बाहर भी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।

ममता बनर्जी के काफिले पर कथित हमले, उनकी सुरक्षा और FCRA को लेकर अखिलेश यादव के बयान ने विपक्षी दलों को एक बार फिर केंद्र और भाजपा के खिलाफ राजनीतिक हमला करने का मौका दिया है। आने वाले दिनों में इस मामले पर दोनों पक्षों की ओर से और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।