CID Kalighat Office : ममता बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें, कालीघाट दफ्तर पहुंची CID , अभिषेक बनर्जी को मिला नया नोटिस

TMC Crisis: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बेहद करीबी माने जाने वाले कालीघाट दफ्तर में अचानक राज्य की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीआईडी (CID) की एंट्री से पूरी कोलकाता की राजनीति में भूचाल आ गया है। वहीं अभिषेक बनर्जी को मिले एक नए नोटिस ने इस सस्पेंस को और गहरा कर दिया है। आखिर क्या है पूरा मामला? जानिए!

CID Kalighat Office

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 9, 2026

CID Kalighat Office :  पश्चिम बंगाल की राजनीति में सत्ता गंवाने के बाद हाशिए पर चल रहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मुखिया ममता बनर्जी की राजनीतिक और कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। मंगलवार को कोलकाता के कालीघाट स्थित उनके निजी और राजनीतिक आवास सह दफ्तर पर राज्य अपराध जांच विभाग (CID) की एक विशेष टीम अचानक धमक पड़ी। शुरुआती रिपोर्ट्स और सूत्रों के अनुसार, सीआईडी की यह टीम ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को एक नया कानूनी नोटिस तामील कराने के लिए वहां पहुंची थी, क्योंकि इसी परिसर में तृणमूल कांग्रेस का एक आधिकारिक कार्यालय भी संचालित होता है।

विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर और असंगति का पूरा मामला

सीआईडी की यह त्वरित कार्रवाई पश्चिम बंगाल विधानसभा के भीतर विपक्ष के लिए आरक्षित अत्यंत महत्वपूर्ण और संवैधानिक पदों पर नियुक्तियों से जुड़ी हुई है। दरअसल, इन नियुक्तियों के लिए लाए गए एक अहम प्रस्ताव में तृणमूल कांग्रेस के कुछ मौजूदा विधायकों के हस्ताक्षरों (सिग्नेचर) में कथित तौर पर गंभीर गड़बड़ी, धोखाधड़ी और असंगति पाए जाने का मामला सामने आया था। इसी फर्जीवाड़े की कड़ियों को जोड़ने और इसमें शामिल मुख्य चेहरों का पता लगाने के लिए जांच एजेंसी लगातार अपनी दबिश बढ़ा रही है, जिसके तहत अब सीधे अभिषेक बनर्जी को जांच के दायरे में लिया गया है।

अभिषेक बनर्जी को सीआईडी का तीसरा नोटिस और पूछताछ की समय-सीमा

जांच एजेंसी सीआईडी ने सोमवार (8 जून 2026) को टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी को इस मामले में अपना तीसरा नोटिस जारी किया था। इस नए नोटिस के जरिए उन्हें 9 जून की शाम 5 बजे तक दक्षिण कोलकाता में स्थित सीआईडी के मुख्य मुख्यालय (भवानी भवन) में पूछताछ के लिए अनिवार्य रूप से उपस्थित होने का कड़ा निर्देश दिया गया था। इससे पहले, जांच एजेंसी ने उन्हें 30 मई को पहला नोटिस जारी कर 1 जून को पेश होने का आदेश दिया था, जिस पर सियासत काफी गरमा गई थी।

चोट और स्वास्थ्य का हवाला देकर अभिषेक ने बार-बार मांगा समय

हालांकि, अभिषेक बनर्जी तय समय पर सीआईडी के सामने पेश नहीं हुए थे। उन्होंने 1 जून को जांच एजेंसी को एक आधिकारिक पत्र भेजकर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए 15 दिनों की अतिरिक्त मोहलत मांगी थी। अपने पत्र में उन्होंने 30 मई को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर इलाके में हुए एक कथित हमले का जिक्र किया था, जिसमें उन्हें चोटें आई थीं। उन्होंने इसी शारीरिक चोट और खराब स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला दिया था। इसके बाद सीआईडी ने दूसरा नोटिस जारी कर उन्हें सोमवार दोपहर 12 बजे तक बुलाया था, लेकिन सोमवार सुबह अभिषेक ने फिर से पत्र भेजकर और समय की मांग कर दी।

पूर्व टीएमसी विधायक सब्यसाची दत्ता गिरफ्तार, 8 दिनों की पुलिस कस्टडी

दूसरी तरफ, तृणमूल कांग्रेस को एक और बड़ा झटका तब लगा जब पार्टी के पूर्व विधायक और कद्दावर नेता सब्यसाची दत्ता को अदालत ने आठ दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस ने दत्ता को जबरन वसूली (उगाही) और आपराधिक रूप से डराने-धमकाने के संगीन आरोपों के तहत मंगलवार (9 जून 2026) तड़के उत्तर 24 परगना जिले से गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप है कि वे संगठित रूप से वसूली की गतिविधियों में लिप्त थे और उन्होंने साल 2018 में एक शिकायतकर्ता से डरा-धमकाकर एक करोड़ रुपये से अधिक की मोटी रकम की मांग की थी।

निकाय भर्ती घोटाले में सुजीत बोस की गिरफ्तारी और सरकार पर तंज

सब्यसाची दत्ता की यह गिरफ्तारी ठीक ऐसे समय पर हुई है, जब बिधाननगर के पूर्व विधायक और तृणमूल सरकार में कद्दावर मंत्री रह चुके सुजीत बोस को भी कानून का शिकंजा कसने के बाद केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है। सुजीत बोस को राज्य के बहुचर्चित निकाय भर्ती घोटाले (Municipal Recruitment Scam) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया है। टीएमसी नेताओं की इन ताबड़तोड़ गिरफ्तारियों पर तीखा तंज कसते हुए राज्य के वरिष्ठ मंत्री शरदवत मुखर्जी ने कहा, “भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और अहंकार में डूबे हुए लोग अब कानून के हत्थें चढ़ रहे हैं और एक के बाद एक जेल की सलाखों के पीछे भेजे जा रहे हैं।”

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