West Bengal Election: ‘वोटर लिस्ट से नाम हटाकर छीने जा रहे हैं अधिकार’, ममता बनर्जी ने BJP के खिलाफ खोला मोर्चा

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चंद्रकोना की रैली में बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी 294 विधानसभा सीटों पर जनता उन्हें ही अपना उम्मीदवार माने। ममता ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट से लाखों स्थानीय लोगों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों के नाम काटकर उनके नागरिक अधिकार छीने जा रहे हैं।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 31, 2026

West Bengal Election:  पश्चिम बंगाल में चुनावी बिगुल बजते ही राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इसी चुनावी माहौल के बीच ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सुप्रीमो और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम मेदिनीपुर के चंद्रकोना में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। चुनावी रैली में ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। उन्होंने जनता से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि राज्य की सभी 294 विधानसभा सीटों पर जनता उन्हें ही अपना असली उम्मीदवार मान सकती है।

मुख्यमंत्री ने अपने कड़े संबोधन में सीधे तौर पर आरोप लगाया कि भगवा पार्टी लोगों को मजहब और धर्म के आधार पर बांटने की बेहद गंदी राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी न सिर्फ समाज में दरार पैदा कर रही है, बल्कि अपनी हरकतों से पूरे बंगाल की संस्कृति का अपमान भी कर रही है।

महिलाओं और अल्पसंख्यकों के हक की आवाज

चंद्रकोना की इस चुनावी सभा में मुख्यमंत्री ने समाज के दो सबसे संवेदनशील तबकों यानी महिलाओं और अल्पसंख्यकों का मुद्दा बेहद प्रमुखता से उठाया। टीएमसी प्रमुख ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सोची-समझी साजिश के तहत मतदाता सूची से अल्पसंख्यक समुदाय और महिलाओं के नाम गायब किए जा रहे हैं। उन्होंने जनता को याद दिलाया कि बीजेपी शुरू से ही अल्पसंख्यकों को अपना धुर विरोधी मानती आई है।

ममता बनर्जी ने तंज कसते हुए कहा, “वे सिर्फ हिंदू और मुस्लिम के नाम पर जनता के बीच नफरत फैलाते हैं। अगर आप पोलिंग बूथ की कतारों में खड़े लोगों को देखें, तो वहां आपको कई ऐसी महिलाएं भी दिखेंगी जो मांग में सिंदूर लगाए हुए हैं, लेकिन फिर भी उनके अधिकारों के साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है।” इसके अलावा, उन्होंने बीजेपी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे विदेशों (जैसे सऊदी अरब) से बेझिझक पैसा लाते हैं और उन्हें अपनाते हैं, लेकिन भारत के नागरिकों के साथ मजहब देखकर पराया व्यवहार करते हैं।

वोटर लिस्ट से नाम हटाने की साजिश

चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम ममता ने निर्वाचन प्रणाली और वोटर लिस्ट को लेकर एक बहुत बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में बहुत बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जिससे उनके पवित्र संवैधानिक और मूलभूत नागरिक अधिकारों पर सीधा प्रहार हो रहा है। ममता बनर्जी ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने एक अखबार में तस्वीर देखी थी, जिसमें वे गरीब लोग फिर से लंबी लाइनों में धक्के खाने को मजबूर थे जिनके नाम पहले लिस्ट में थे, लेकिन अब काट दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि साल 2002 की वोटर लिस्ट से कई पुराने नाम गायब कर दिए गए हैं।

इस अन्याय के खिलाफ वह खुद देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट गई थीं, जिसके हस्तक्षेप के बाद 42 लाख में से 22 लाख नाम दोबारा जोड़े गए। लेकिन दुख की बात यह है कि अब भी करीब 18 लाख जायज वोटर्स लिस्ट से बाहर हैं। ममता ने कहा कि अगर उनकी पार्टी ने खुलकर इस तानाशाही का कड़ा विरोध नहीं किया होता, तो बीजेपी राज्य के करीब 5 करोड़ लोगों के नाम लिस्ट से साफ कर देती।

‘बाहरी वोटरों’ की एंट्री का दावा

ममता बनर्जी ने अपनी रैलियों में ‘बाहरी’ लोगों के मुद्दे को भी हवा दी। उन्होंने दावा किया कि बिहार, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के निवासियों के नाम बंगाल की मतदाता सूची में अवैध तरीके से जोड़े जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, आगामी चुनावों के दौरान बाहर से भारी संख्या में लोगों को लाकर फर्जी तरीके से मतदान कराया जा सकता है। इसके तुरंत बाद गरबेता में आयोजित एक अन्य चुनावी रैली में ममता बनर्जी ने हुंकार भरते हुए साफ कर दिया कि जब तक पश्चिम बंगाल में मां-माटी-मानुष की सरकार है, तब तक यहां एनआरसी (NRC) किसी भी कीमत पर लागू नहीं होगा और न ही राज्य की धरती पर इंसानों को कैद करने वाला कोई डिटेंशन कैंप बनेगा।