ममता बनर्जी और उमर अब्दुल्ला ने कहा: अजित पवार विमान हादसे की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो

 नई दिल्ली/मुंबई/बारामती महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे ने अब एक नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दूल्ला ने इस दुर्घटना को केवल एक 'हादसा' मानने से इनकार करते हुए इसकी हाई लेवल जांच की मांग की है.ममता बनर्जी ने बयानों के जरिए गंभीर सवाल उठाते हुए कहा, ''अजित पवार की मौत की ठीक से जांच होनी चाहिए, जिसकी निगरानी सीधे सुप्रीम कोर्ट करे.'' उन्होंने संकेत दिया कि अजित पवार सत्ताधारी गठबंधन (महायुति) से दूरी बना रहे थे.  ममता ने कहा, "वह सत्ताधारी पार्टी के साथ थे,

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Published On :

जनवरी 28, 2026

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 नई दिल्ली/मुंबई/बारामती

महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे ने अब एक नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दूल्ला ने इस दुर्घटना को केवल एक 'हादसा' मानने से इनकार करते हुए इसकी हाई लेवल जांच की मांग की है.ममता बनर्जी ने बयानों के जरिए गंभीर सवाल उठाते हुए कहा, ''अजित पवार की मौत की ठीक से जांच होनी चाहिए, जिसकी निगरानी सीधे सुप्रीम कोर्ट करे.'' उन्होंने संकेत दिया कि अजित पवार सत्ताधारी गठबंधन (महायुति) से दूरी बना रहे थे. 

ममता ने कहा, "वह सत्ताधारी पार्टी के साथ थे, लेकिन किसी ने बयान दिया था कि वह बीजेपी छोड़ देंगे. ऐसे में अचानक यह हादसा संदिग्ध है."पश्चिम बंगाल की CM ने शरद पवार और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और कहा कि वह इस खबर से गहरे सदमे में हैं. 

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया है. उन्होंने कहा कि एक कद्दावर नेता का इस तरह जाना देश के लिए क्षति है. उन्होंने भी पारदर्शी जांच की मांग की ताकि विमान के क्रैश होने के तकनीकी या अन्य कारणों का स्पष्ट पता चल सके. 

भाजपा छोड़ने वाले थे अजित पवार

मीडिया से बात करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि पवार की मौत की खबर सुनकर उन्हें झटका लगा है और उन्होंने इस घटना को देश के लिए एक बड़ा नुकसान बताया. ममता ने दावा किया कि राजनीतिक नेताओं के लिए भी कोई सुरक्षा नहीं है और सोशल मीडिया पर चल रहे हालिया बयानों का जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि पवार भाजपा छोड़ने पर विचार कर रहे थे और दोनों एनसीपी एक होने वाली थी. 

हमें सिर्फ सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा

ममता बनर्जी ने कहा ,'आज जो हुआ है उससे गंभीर सवाल उठते हैं और आगे कहा कि सिर्फ सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में की गई जांच ही विश्वसनीय हो सकती है. बनर्जी ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों ने अपनी स्वतंत्रता खो दी है, हमें सिर्फ सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है, किसी अन्य एजेंसी पर नहीं.' 

एकनाथ शिंदे की भावुक श्रद्धांजलि और जांच करने की बात 

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने सहयोगी को याद करते हुए उन्हें एक 'कर्मठ योद्धा' बताया और कहा, "यह दुखद घटना है. अजित दादा स्पष्ट वक्ता के रूप में जाने जाते थे. उनकी डिक्शनरी में 'देखता हूं, करता हूं' जैसे शब्द नहीं थे. बाहर से सबको लगता था कि वे बहुत कड़क हैं, लेकिन दिल के बहुत अच्छे थे. मेरे मुख्यमंत्री काल में उन्होंने डिप्टी मुख्यमंत्री के रूप में काम किया. आज हम दोनों डिप्टी सीएम थे. अजित दादा सुबह जल्दी उठते थे और मिलने वालों को 6 बजे तक के अपॉइंटमेंट देते थे. समय को महत्व देने वाले कद्दावर और कर्मठ नेता थे. 

अन्य नेताओं ने भी की जांच की मांग

ममता बनर्जी के अलावा कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई, आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और वंचित बहुजन अघाड़ी नेता प्रकाश अंबेडकर समेत कई नेताओं ने शोक व्यक्त करते हुए इस घटना के लिए जवाबदेही की मांग की. लालू प्रसाद यादव ने X पर कहा कि वह बहुत दुखी हैं और उन्होंने अजित पवार की आत्मा की शांति और उनके परिवार व समर्थकों को शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की, साथ ही दिवंगत नेता को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की.

राज्य में 3 दिन के शोक का ऐलान

एनसीपी प्रमुख अजित पवार के निधन पर पूरे राज्य में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है. 28 से 30 जनवरी तक सभी सरकारी कार्यालय और राजकीय कामकाज बंद रहेंगे और झंडा आधा झुका रहेगा. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं और वह उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ जल्द ही बारामती के लिए रवाना हो रहे हैं.

क्या बोले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस?

मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अजित दादा एक ऐसे नेता थे जो हमेशा जमीन से जुड़े रहे और जनता के बीच अपनी सादगी और मेहनत से लोकप्रिय थे. उनका असामयिक निधन कभी ना पूरा होने वाला नुकसान है. मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके लिए व्यक्तिगत रूप से यह एक बहुत बड़ा नुकसान है, क्योंकि वह एक दमदार और दिलदार मित्र थे. दोनों ने साथ में कई संघर्ष और राजनीतिक लड़ाइयां देखी हैं और महाराष्ट्र के विकास में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा. 

डिप्टी CM शिंदे ने आगे कहा, ''यह महाराष्ट्र और उनके परिवार के लिए बहुत बड़ा नुकसान है. अजित दादा को कई विभागों का अनुभव था. मैं सीएम था तब लाडली बहना योजना शुरू की थी, उसमें अजित दादा ने बहुत योगदान दिया. वे राजनीति और उम्र में मुझसे बड़े थे. हमारी टीम का हिस्सा नहीं रहे, फिर भी मैं उन्हें दुखभरी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. उनके परिवार को इस दुख से उबरने की शक्ति ईश्वर प्रदान करे, यह कामना करता हूं.''

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, ''इस विमान हादसे की जांच जरूर होगी, क्योंकि ऐसी घटना दोबारा न हो, इसलिए इसकी जांच होनी चाहिए."

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