Lucknow News: लखनऊ के मलिहाबाद स्थित कसमंडी कलां गांव में एक ऐतिहासिक और विवादित किले को लेकर भारी तनाव की स्थिति बनी हुई है। सावन के पहले सोमवार के अवसर पर पासी समाज द्वारा किले में जलाभिषेक करने तथा 108 गांवों की पवित्र मिट्टी अर्पित करने के ऐलान के बीच, उसी दिन चेहल्लुम का आयोजन भी होना है। इन दोनों बड़े आयोजनों को एक ही दिन और समय पर होने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे इलाके में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए हैं। विवादित स्थल पर किसी भी प्रकार के नए धार्मिक आयोजन या गतिविधि पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है और पुलिस बल लगातार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।
ऐतिहासिक ढांचे पर पासी समाज और मुस्लिम पक्ष के परस्पर विरोधी दावे
बताते चले कि, कसमंडी कलां के इस ऐतिहासिक और प्राचीन ढांचे को लेकर लंबे समय से पासी समाज और मुस्लिम पक्ष के बीच अलग-अलग और तीखे दावे सामने आते रहे हैं। पासी समाज इस स्थान को 11वीं सदी के प्रतापी महाराजा कंस पासी का किला और प्राचीन शिव उपासना स्थल बताता है। इसी मान्यता के आधार पर समाज सावन के पहले सोमवार को यहां जलाभिषेक करने की जिद पर अड़ा है। वहीं दूसरी ओर, लाखन आर्मी ने विवादित स्थल का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से सर्वे कराने और इसकी वैज्ञानिक कार्बन डेटिंग कराने की जोरदार मांग उठाई है। इसके विपरीत, मुस्लिम पक्ष आधिकारिक वक्फ रिकॉर्ड का हवाला देते हुए इस पूरी संपत्ति को मस्जिद, मकबरा और कब्रिस्तान का हिस्सा बताता है।
सावन के पहले सोमवार पर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना
सावन के पहले सोमवार पर पासी समाज की ओर से 108 गांवों की पवित्र मिट्टी लेकर पहुंचने और शिव मंदिर में जलाभिषेक करने के ऐलान से प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। इसी दिन चेहल्लुम का आयोजन होने के कारण इलाके में भारी भीड़ जुटने की आशंका जताई जा रही है। लाखन आर्मी के नेता सूरज पासी ने आरोप लगाया है कि चेहल्लुम के नाम पर ताकत का प्रदर्शन किया जा रहा है। हालांकि, किसी भी संभावित सांप्रदायिक तनाव या विवाद को टालने के लिए प्रशासन ने संवेदनशील और अति-संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दी है।
किसी भी नए धार्मिक आयोजन और विशेष गतिविधि पर पूरी तरह प्रतिबंध
दोनों पक्षों के विरोधाभासी दावों और इलाके की अत्यधिक संवेदनशील स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने विवादित स्थल पर किसी भी नए धार्मिक आयोजन या गतिविधि की अनुमति नहीं दी है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन की ओर से लगातार आम नागरिकों से यह अपील की जा रही है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरा सहयोग करें। सुरक्षा के मद्देनजर ड्रोन कैमरों और खुफिया तंत्र के जरिए निगरानी बढ़ाई गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके और शांति कायम रहे।
मलिहाबाद में नट समाज के बच्चों के कथित धर्मांतरण का गंभीर मुद्दा गरमाया
कसमंडी किले के इस जमीनी और धार्मिक विवाद के अलावा इलाके में बच्चों के कथित धर्मांतरण का एक अन्य संवेदनशील मामला भी तूल पकड़ चुका है। लाखन आर्मी के सूरज पासी ने गंभीर आरोप लगाया है कि मलिहाबाद क्षेत्र में नट समाज के बच्चों का धर्मांतरण कराया जा रहा है, और इस संबंध में थाने में औपचारिक शिकायत दिए जाने के बावजूद पुलिस ने आरोपी मौलाना के खिलाफ कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की है। संगठन ने आरोपी मौलाना की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए इसके खिलाफ दिल्ली कूच करने का भी ऐलान किया है, जिससे प्रशासन की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।










