चंडीगढ़.
पीजीआई के गायनी विभाग में एक बेहद सनसनीखेज और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों को लगने वाले इंजेक्शन गायब हो गए, जिनकी कीमत करीब 20 लाख है। चोरी के इस खेल में विभाग के ही कुछ फार्मासिस्ट, नर्सिंग स्टाफ और फोर्थ क्लास कर्मचारियों के शामिल होने का शक है।
इंजेक्शन की तस्करी का भी शक जताया जा रहा है। सूत्रों की माने तो यह कर्मचारी इन इंजेक्शन को विभाग के स्टाक से गायब कर देते हैं और फिर इसे बाजार भाव में बेचते देते हैं। पीजीआई प्रशासन जांच भी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार यह खेल बीते कई माह से चल रहा हैं। चोरी हो रहे इंजेक्शनों का खुलासा तब हुआ जब एक नए कर्मचारी की ड्यूटी वार्ड में लग गई। कर्मचारी ने देखा कि जरूरत से खपत से चार-पांच गुना अधिक इंजेक्शन मंगवाए जा रहे हैं। शक होने पर कर्मचारी ने अस्पताल प्रशासन को मामले की जानकारी दी। पीजीआई प्रशासन ने सीसीटीवी की जांच करवाई तो कई संदिग्ध गतिविधियां सामने आई है। फार्मासिस्ट, नर्सिंग स्टाफ और फोर्थ क्लास कर्मचारी लाखों इंजेक्शन का घपला करने के लिए जानबूझकर एक ही शिफ्ट में अपनी ड्यूटी लगवा रहे थे।
हर दिन 100 से अधिक इंजेक्शन चोरी
प्राथमिक जानकारी के अनुसार हर दिन स्टाफ की मिलीभगत से गायनी विभाग से हर दिन 100 से अधिक इंजेक्शन गायब किए जा रहे हैं। जिसमें स्टाफ के अतिरिक्त इसमें सुरक्षाकर्मियों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है।
पहले भी ऐसा हुआ था
अगस्त 2025 में भी गायनी विभाग से हजारों के इंजेक्शन चोर गिरोह का दैनिक जागरण ने खुलासा किया था। महंगे इंजेक्शन चोरी करने वाला गिरोह चादर ओढ़कर वार्ड में पहुंचता था और मौका मिलते ही इंजेक्शन बैग में डालकर फरार हो जाता था। उस दौरान विकास नगर निवासी दीपक की मां नेहरू ब्लाक की चौथी मंजिल स्थित फीमेल वार्ड में भर्ती थीं। डाॅक्टर ने चार इंजेक्शन लगाने की सलाह दी थी, जिसके बाद 92 हजार रुपये के इंजेक्शन खरीदे गए थे। पहला इंजेक्शन मरीज को लगाने के बाद बाकी तीन को वार्ड के रेफ्रिजरेटर में रखा गया था। दोपहर करीब तीन बजे दीपक जब दूसरा इंजेक्शन लेने पहुंचे तो तीनों गायब मिले थे।
जांच की जा रही है –
मामले की सूचना सक्षम अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस को भी दे दी गई है। जांच की जा रही है। डीडीआर या एफआईआर दर्ज करने को लेकर पुलिस की प्रतिक्रिया का इंतजार है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर कानून के अनुसार आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
– प्रवक्ता, पीजीआई










