वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण में बड़ा कदम: एमपी की 1,178 संपत्तियां बाहर, 24,696 दावे खारिज

भोपाल  वक्फ संपत्तियों के रख-रखाव और उनके जनहित में उपयोग के लिए केंद्र सरकार की ओर से लाए गए वक्फ संशोधन कानून के परिणाम सामने आने लगे हैं। वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया के बीच सरकार ने अब तक 24,696 वक्फ दावे खारिज (अस्वीकार) कर दिए हैं। यानी इन दावों में शामिल संपत्तियों को फिलहाल वक्फ संपत्तियां नहीं माना गया है। अस्वीकार होने वाले मामलों में सबसे अधिक 4,802 दावे राजस्थान में हैं। तेलंगाना 4,458 खारिज मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है। मध्यप्रदेश में 1,178 दावे निरस्त किए गए हैं। संशोधित कानून में वक्फ संपत्तियों के

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Published On :

फ़रवरी 10, 2026

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भोपाल 

वक्फ संपत्तियों के रख-रखाव और उनके जनहित में उपयोग के लिए केंद्र सरकार की ओर से लाए गए वक्फ संशोधन कानून के परिणाम सामने आने लगे हैं। वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया के बीच सरकार ने अब तक 24,696 वक्फ दावे खारिज (अस्वीकार) कर दिए हैं। यानी इन दावों में शामिल संपत्तियों को फिलहाल वक्फ संपत्तियां नहीं माना गया है। अस्वीकार होने वाले मामलों में सबसे अधिक 4,802 दावे राजस्थान में हैं। तेलंगाना 4,458 खारिज मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है।

मध्यप्रदेश में 1,178 दावे निरस्त किए गए हैं। संशोधित कानून में वक्फ संपत्तियों के अनिवार्य पंजीकरण के प्रावधान को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद केंद्र ने जून में 'उम्मीद' पोर्टल शुरू कर वक्फ संपत्तियों का डिजिटल पंजीकरण अनिवार्य किया था। देश में 8,72,802 वक्फ अचल संपत्तियां दर्ज हैं। इनमें से 5,82,541 का विवरण अपलोड किया जा चुका है।
1. डीड या घोषणा का अभाव

यदि किसी संपत्तियों को वक्फ घोषित करने का विधिवत दस्तावेज उपलब्ध नहीं है या रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है।

2. राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज न होना

राज्य के भू-राजस्व अभिलेख (खसरा, खतौनी, जमाबंदी आदि) में संपत्ति वक्फ के नाम दर्ज नहीं हो, या निजी/सरकारी भूमि के रूप में दर्ज हो 

3. स्वामित्व विवाद

यदि संपत्ति पर निजी व्यक्ति का दावा हो, कोर्ट में मामला लंबित हो, सरकारी भूमि के रूप में दर्ज होने पर
4. डुप्लीकेट या ओवरलैप एंट्री

एक ही संपत्ति को दो बार दर्ज या सीमांकन स्पष्ट न होना
5. अधूरी जानकारी

पोर्टल पर दस्तावेज अधूरे, नक्शा या सर्वे विवरण न हो, क्षेत्रफल में विसंगति
क्यों जरूरी है यह प्रक्रिया?

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, वक्फ संपत्तियों का डिजिटलीकरण पारदर्शिता बढ़ाने, फर्जी दावों पर रोक लगाने और वक्फ संपतियों के बेहतर प्रबंधन के उद्देश्य से किया जा रहा है।

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