ट्विशा केस में बड़ा खुलासा, शादी में लिए गए थे 20 लाख रुपए; CBI ने पति और सास पर कसा शिकंजा

भोपाल  ट्विशा शर्मा केस में सीबीआई की एंट्री हो गई है। सीबीआई अधिकारियों की पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ कटारा हिल्स थाने में नई एफआईआर भी दर्ज की है। केंद्रीय एजेंसी ने इस मामले में पहले दर्ज FIR को री-रजिस्टर किया। इसमें ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एफआईआर में दहेज हत्या, दहेज मांगने और साजिश रचने की धाराएं लगी हैं। इधर पुलिस जांच में भी बड़ा खुलासा हुआ है। इसमें 20 लाख रुपए मांगने की बात सामने आई। बता दें

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Published On :

मई 26, 2026

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भोपाल 

ट्विशा शर्मा केस में सीबीआई की एंट्री हो गई है। सीबीआई अधिकारियों की पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ कटारा हिल्स थाने में नई एफआईआर भी दर्ज की है। केंद्रीय एजेंसी ने इस मामले में पहले दर्ज FIR को री-रजिस्टर किया। इसमें ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एफआईआर में दहेज हत्या, दहेज मांगने और साजिश रचने की धाराएं लगी हैं। इधर पुलिस जांच में भी बड़ा खुलासा हुआ है। इसमें 20 लाख रुपए मांगने की बात सामने आई। बता दें कि भाई हर्षित शर्मा और पिता नवनिधि शर्मा शुरु से ही इसे दहेज हत्या का केस बता रहे हैं।

आरोपी सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह केस में बुरी फंस गईं हैं, उनकी अग्रिम जमानत रद्द करवाने दायर याचिकाओं पर सोमवार को मप्र हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। गिरिबाला की ओर से जवाब देने के लिए समय मांगा गया। इस पर जस्टिस देवनारायण मिश्रा की सिंगल बेंच ने अगली सुनवाई 27 मई को दोपहर 2.30 बजे तय की है।

जांच एजेंसी ने इन धाराओं में दर्ज किया केस
सीबीआई ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2), 85 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है. साथ ही दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 भी लगाई गई हैं. 25 मई 2026 की रात सीबीआई ने एफआईआर नंबर RC0522026S0004 दर्ज किया। 

12 मई को ससुराल में मिला था ट्विशा का शव
मॉडल ट्विशा शर्मा की 12 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. उसका शव उसके ससुराल में पाया गया था. पहले पोस्टमार्टम में मौत का प्रारंभिक कारण खुदखुशी बताया गया था. परिजनों ने मृतका के पति समर्थ और उसकी मां पूर्व जज गिरिबाला पर ट्विशा को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं. शुरुआती जांच में सामने आया कि उनकी मौत फांसी लगाने से हुई. हालांकि शरीर पर चोट के निशान भी मिले, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए। 

3 घंटे चला ट्विशा के शव का सेकंड पोस्टमार्टम
ट्विशा शर्मा के शव का करीब तीन घंटे तक सेकंड पोस्टमार्टम चला. परिजन की मांग पर दिल्ली एम्स की डॉक्टरों की टीम ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बाद सेकंड पोस्टमार्टम किया. एम्स दिल्ली से आई मेडिकल विशेषज्ञों की टीम पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद जरूरी साक्ष्य अपने साथ लेकर वापस रवाना हो गई. इसके बाद ट्वीशा शर्मा का शव परिजनों को सौंपा गया. अस्पताल परिसर में भी मातम पसरा रहा और हर आंख नम दिखाई दी. एक हंसती-मुस्कुराती बेटी की विदाई ने पूरे शहर को गमगीन कर दिया। 

सेलिना जेटली का ट्विशा शर्मा पर पोस्ट
पिछले साल नवंबर में, सेलिना ने अपने पति पीटर हाग के खिलाफ घरेलू हिंसा, क्रूरता और छल का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया और मुआवजे के तौर पर 50 करोड़ रुपये की मांग की थी. उन्होंने अपने दोनों बेटों विंस्टन और विराज से दूर रहने के कारण होने वाली भावनात्मक उथल-पुथल के बारे में भी खुलकर बात की है। 

अपने नोट में, सेलिना ने शर्मा को एक शिक्षित, प्रतिभाशाली युवती के रूप में वर्णित किया, जिसका जीवन दुर्व्यवहार, अलगाव, भावनात्मक पीड़ा और बंद दरवाजों के पीछे हिंसा से घिरा हुआ था। 

उन्होंने इस मामले को लेकर चल रही सार्वजनिक चर्चा का भी जिक्र करते हुए लिखा, 'और जबकि उनकी अस्थियां अभी ठंडी भी नहीं हुई हैं, जबकि उनका शोक संतप्त परिवार अपनी बेटी के लिए जवाब, पोस्टमार्टम और न्याय की गुहार लगा रहा है, वहीं पौधों को पानी न दिए जाने को लेकर हो रही बातचीत ने इस त्रासदी को अपनी आंखों के सामने घटते देख रहे कई लोगों को परेशान कर दिया है' .

उन्होंने कहा कि यह मामला दुर्व्यवहार की भयावह सच्चाई को दर्शाता है, जहां महिलाओं की पीड़ा इतनी सामान्य हो जाती है कि धीरे-धीरे उनके आसपास के लोगों के लिए उनका दर्द मायने रखना बंद कर देता है। 

उन्होंने आगे कहा, 'शादी हमेशा खुशहाल अंत नहीं होता' और बताया कि हिंसा का सबसे अकेलापन भरा रूप कभी-कभी वह होता है जिसे कोई नहीं देखता. उन्होंने लिखा कि दुर्व्यवहार केवल चोटों तक सीमित नहीं है, बल्कि कभी-कभी यह अलगाव, धीरे-धीरे अपनी दुनिया से अलग हो जाने, बिना परिवार या सहारे के किसी अनजान जगह पर रहने, समस्या की जड़ महसूस करने, या बंद दरवाजों के पीछे अपमान सहने का रूप ले लेता है, जबकि दुनिया मानती है कि जीवन सुंदर है। 

सेलिना ने अपनी स्थिति के बारे में भी बात की. उन्होंने लिखा, 'मेरे मामले में, मेरे माता-पिता पहले ही गुजर चुके थे, मैं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं थी, और सबसे बढ़कर, मेरे तीन छोटे बच्चे थे। 

अभिनेत्री ने कहा कि वह जरूरत से ज्यादा समय तक वहां रहीं क्योंकि उनका मानना ​​था कि परिवार को एक साथ रखना ही सही था और वह नहीं चाहती थीं कि उनके बच्चों को कष्ट सहना पड़े। 

उसने बताया कि उसके पास सहारा देने वाला कोई नहीं था और उसे यह स्वीकार करने में शर्म आती थी कि वह कितनी अकेली हो गई है और उसने आगे कहा कि समय के साथ अकेलापन गहराता जाता है, दीवारें खामोश और भारी होती जाती हैं, और दिन धुंधले होते जाते हैं जब तक कि व्यक्ति अपनी ही वास्तविकता पर संदेह करने लगता है। 

अपने नोट के अंत में उन्होंने लिखा, 'आप खुद को यह समझाने लगते हैं कि जीवित रहना ही जीना है'. आगे कहा, 'ट्विशा शर्मा के परिवार और बंद दरवाजों के पीछे पीड़ा सहने वाली हर महिला के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. माता-पिता, दोस्तों और परिवार वालों, अगर आपकी बेटी आपसे संपर्क करे, तो उसे वापस ले आइए'. एक्ट्रेस ने नोट के आखिरी में लिखा, उन्हें अपनी बेटी को बर्बाद करने नहीं देना चाहिए। 

 

 

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