NDPS जांच में बड़ा खुलासा, हाईकोर्ट ने पुलिस कार्रवाई पर जताई नाराजगी; विभागीय जांच के आदेश

ग्वालियर ग्वालियर हाईकोर्ट की युगल पीठ ने बुधवार को शिवपुरी के एनडीपीएस मामले में पुलिस जांच की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के आदेश के बाद शिवपुरी एसपी अमन सिंह राठौड़ ने जिले के देहात थाना प्रभारी, एक निरीक्षक सहित तीन उप निरीक्षक को लाइन अटैच कर दिया है। डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि पुलिस की जांच सच्चाई सामने लाने के बजाय उसे छिपाने वाली प्रतीत होती है। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पुलिस अक्सर केवल ड्राइवर या कैरियर को पकड़कर जांच बंद कर देती है, जबकि

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Published On :

फ़रवरी 12, 2026

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ग्वालियर

ग्वालियर हाईकोर्ट की युगल पीठ ने बुधवार को शिवपुरी के एनडीपीएस मामले में पुलिस जांच की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के आदेश के बाद शिवपुरी एसपी अमन सिंह राठौड़ ने जिले के देहात थाना प्रभारी, एक निरीक्षक सहित तीन उप निरीक्षक को लाइन अटैच कर दिया है।

डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि पुलिस की जांच सच्चाई सामने लाने के बजाय उसे छिपाने वाली प्रतीत होती है। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पुलिस अक्सर केवल ड्राइवर या कैरियर को पकड़कर जांच बंद कर देती है, जबकि असली सरगना तक पहुंचने की कोशिश नहीं की जाती।

1209 किलो पोस्त भूसी तस्करी का मामला

मामला 1209 किलोग्राम पोस्त भूसी की तस्करी से जुड़ा है, जो इंदौर से चंडीगढ़ भेजी जा रही थी। कोर्ट ने पाया कि न तो माल भेजने वालों की जांच हुई और न ही प्राप्त करने वालों की। सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि थाने से 62 सैंपल बैग गायब हो गए थे।

न्यायालय ने यह भी पाया कि जब्त मादक पदार्थ ट्रायल कोर्ट में प्रस्तुत ही नहीं किया गया। पुलिस ने 17 जनवरी 2025 को सामग्री के निस्तारण की बात कही, जबकि सैंपल बैग गायब पाए गए। कोर्ट ने इसे लापरवाही और संदिग्ध जांच का स्पष्ट संकेत माना।

विभागीय जांच के निर्देश

हाईकोर्ट ने शिवपुरी एसपी को निर्देश दिए हैं कि उस समय पदस्थ थाना प्रभारी और जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाए और जांच पूरी होने तक उन्हें थाने का प्रभार न दिया जाए। कोर्ट ने तीन माह में शपथपत्र के साथ रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

साथ ही प्रमुख सचिव (गृह), डीजीपी भोपाल और एडीजी नारकोटिक्स इंदौर को निर्देश दिए गए हैं कि सभी जिलों में एनडीपीएस मामलों में अपराध के मुख्य सरगना (Apex Perpetrators) की जांच सुनिश्चित करने के लिए सख्त परिपत्र जारी किया जाए। मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च 2026 को होगी।

दोषसिद्धि और सजा

विशेष न्यायाधीश, एनडीपीएस एक्ट शिवपुरी ने 26 सितंबर 2025 को आरोपी जगशीर को धारा 8/15(सी) एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए 15 वर्ष के कठोर कारावास और 1 लाख रुपए जुर्माना लगाया था। आरोपी की सजा स्थगन की अर्जी बाद में वापस ले ली गई।

इन अधिकारियों पर कार्रवाई

एसपी अमन सिंह राठौड़ ने देहात थाना प्रभारी जितेंद्र मावई, उप निरीक्षक राघवेंद्र यादव (गोवर्धन) और हरिशंकर शर्मा (जेएसआई कोतवाली) को लाइन अटैच किया है। इसके अलावा बालाघाट में पदस्थ उनि अंकित उपाध्याय और राजगढ़ में पदस्थ निरीक्षक मनीष शर्मा को भी लाइन अटैच किया गया है। दो अधिकारी एसएस जादौन और चंद्रभान सिंह भदौरिया सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सभी के खिलाफ अब विभागीय जांच चलेगी।

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