अमृतसर में पंजाब पुलिस का बड़ा ऑपरेशन, कथित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़; हथियार और ग्रेनेड जब्त

अमृतसर  जिला देहात पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपियों में राजासांसी निवासी 24 वर्षीय आकाशदीप सिंह उर्फ काशी, बलखान निवासी 20 वर्षीय जैकर सिंह और 17 वर्षीय एक नाबालिग शामिल है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक हैंड ग्रेनेड, एक एके-47 राइफल, एक एम-4 कार्बाइन, एक .30 बोर सेमी ऑटोमैटिक पिस्तौल, पांच मैगजीन और कारतूस बरामद किए हैं। गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई एसएसपी देहात कंवलप्रीत सिंह चाहल ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर थाना घरिंडा क्षेत्र में कार्रवाई कर

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Published On :

जुलाई 15, 2026

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अमृतसर

 जिला देहात पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपियों में राजासांसी निवासी 24 वर्षीय आकाशदीप सिंह उर्फ काशी, बलखान निवासी 20 वर्षीय जैकर सिंह और 17 वर्षीय एक नाबालिग शामिल है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक हैंड ग्रेनेड, एक एके-47 राइफल, एक एम-4 कार्बाइन, एक .30 बोर सेमी ऑटोमैटिक पिस्तौल, पांच मैगजीन और कारतूस बरामद किए हैं।

गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई
एसएसपी देहात कंवलप्रीत सिंह चाहल ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर थाना घरिंडा क्षेत्र में कार्रवाई कर तीनों को गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी पाकिस्तान स्थित आईएसआई के संपर्क में थे और पंजाब में हथियारों की तस्करी के साथ आतंकी गतिविधियों की साजिश में शामिल थे। आरोपियों का काम सीमा पार से भेजे गए हथियारों की खेप लेकर उसे आगे पहुंचाना था।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूछताछ में यह पता लगाया जा रहा है कि उनका नेटवर्क किन लोगों तक फैला है और हथियार किस माध्यम से पंजाब पहुंचे।

अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस के इस ऑपरेशन के दौरान जिस आरोपी को गिरफ्तार किया है, तलाशी के दौरान उसके पास से एक हैंड ग्रेनेड, 9 एमएम की ग्लॉक पिस्टल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं. पुलिस इस बरामदगी को राज्य की सुरक्षा के लिहाज से बड़ी सफलता मान रही है। 

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए सीमा पार बैठे ISI हैंडलरों के संपर्क में था. जांच के अनुसार, उसे पुलिस प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक स्थानों को निशाना बनाने के निर्देश दिए जा रहे थे. इसका मकसद राज्य में शांति व्यवस्था भंग करना और लोगों के बीच दहशत फैलाना था। 

पुलिस का कहना है कि यह मामला केवल एक आरोपी तक सीमित नहीं हो सकता. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. साथ ही आरोपी के अन्य सहयोगियों, स्थानीय संपर्कों और सीमा पार बैठे हैंडलरों की पहचान करने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है. पुलिस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की कोशिश कर रही है। 

इस मामले में अमृतसर के कैंटोनमेंट थाना में एफआईआर दर्ज कर ली गई है. पंजाब पुलिस ने कहा है कि जांच अभी जारी है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि आरोपी को हथियार और विस्फोटक सामग्री कैसे उपलब्ध कराई गई और उसका आगे का मिशन क्या था। 

15 अगस्त से पहले बड़ी साजिश की आशंका
एसएसपी के अनुसार पाकिस्तान से निर्देश मिलने के बाद आरोपियों को हथियार स्लीपर सेल तक पहुंचाने थे। शुरुआती जांच में आशंका है कि इन हथियारों का इस्तेमाल 15 अगस्त से पहले किसी बड़ी आतंकी वारदात के लिए किया जाना था। पुलिस अब संबंधित स्लीपर सेल और पूरे नेटवर्क की पहचान करने में जुटी है।

 

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