NEET री-एग्जाम 2026 में बड़ी लापरवाही, गलत सेंटर डिटेल से छात्राओं का सपना टूटा

हरियाणा के सभी 19 जिलों में रविवार को आयोजित नीट पुनर्परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और प्रशासन ने केंद्रों पर निगरानी बनाए रखी।

NEET Re-Exam 2026

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 22, 2026

NEET Re-Exam 2026 :  रविवार को हरियाणा के 19 जिलों में नीट (NEET) की पुनर्परीक्षा आयोजित की गई। प्रशासन ने परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। हर परीक्षा केंद्र पर स्थानीय पुलिस बल तैनात था और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई थी। हालांकि, सुरक्षा और शांति के दावों के बीच, प्रशासनिक खामियों ने दो छात्राओं के सपनों को करारा झटका दिया। सिस्टम की गलतियों और सूचनाओं में चूक के कारण ये छात्राएं परीक्षा देने से वंचित रह गईं।

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गलत पते के कारण परीक्षा से बाहर हुईं छात्राएं

हरियाणा के अलग-अलग शहरों में हुई इस परीक्षा के दौरान दो बड़े मामले सामने आए, जहाँ एडमिट कार्ड पर दी गई गलत जानकारी छात्राओं की असफलता का कारण बनी।

हिसार में एक छात्रा को उस समय भारी निराशा का सामना करना पड़ा जब उसे पता चला कि उसके एडमिट कार्ड पर परीक्षा केंद्र का पता गलत छपा था। छात्रा के एडमिट कार्ड पर परीक्षा केंद्र का पता ‘गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय (GJU)’ के पास दर्शाया गया था, जबकि उसका वास्तविक केंद्र राजगढ़ रोड स्थित ‘राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय’ था। इस गलत जानकारी के कारण छात्रा भ्रमित रही और गलत केंद्र पर पहुंच गई। जब तक उसे सही केंद्र की जानकारी मिली और वह वहां पहुंची, तब तक निर्धारित समय से पांच मिनट की देरी हो चुकी थी। कड़े नियमों के चलते उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया।

इसी तरह का मामला नारनौल में भी देखने को मिला। परीक्षा केंद्र की गलत जानकारी के चलते एक छात्रा अपने परिजनों के साथ घंटों भटकती रही। करीब दो घंटे तक सही केंद्र की तलाश में इधर-उधर चक्कर काटने के बाद, वह समय पर सही केंद्र तक नहीं पहुंच सकी। नतीजतन, परीक्षा शुरू होने के बाद उसे प्रवेश नहीं मिला और उसका महत्वपूर्ण पेपर छूट गया।

आधार कार्ड की विसंगतियों से बढ़ीं मुश्किलें

परीक्षा केंद्रों पर केवल पते की गलतियां ही नहीं, बल्कि दस्तावेजी सत्यापन के दौरान भी परीक्षार्थियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। करनाल के परीक्षा केंद्रों पर कई ऐसे छात्र देखे गए जो 10 साल पुराने आधार कार्ड लेकर परीक्षा देने पहुंचे थे। चूंकि ये आधार कार्ड बचपन की तस्वीरों वाले थे, इसलिए वर्तमान चेहरे के साथ मिलान न होने के कारण प्रवेश द्वार पर सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। कई परीक्षार्थियों को आनन-फानन में अपने आधार कार्ड अपडेट कराने पड़े, जिसके बाद ही उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति मिली।

भविष्य पर मंडराता संकट

नीट जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षा में इस तरह की प्रशासनिक चूक अत्यंत चिंताजनक है। प्रवेश पत्र (Admit Card) पर गलत पता छपना और छात्रों का केंद्र ढूँढने में भटकना, व्यवस्था की लचर कार्यप्रणाली को दर्शाता है। जहाँ एक ओर छात्र सालों तक कड़ी मेहनत करते हैं, वहीं सिस्टम की एक छोटी सी गलती उनके करियर के साथ खिलवाड़ कर देती है। इन घटनाओं ने अब नीट जैसी परीक्षाओं की प्रबंधन व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए प्रशासन को अधिक सतर्कता और पारदर्शिता बरतने की आवश्यकता है ताकि किसी भी विद्यार्थी का भविष्य महज एक सूचना की चूक के कारण बर्बाद न हो।

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