पंजाब में बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट: ‘रोशन पंजाब योजना’ से गांव होंगे रोशन, सुरक्षा व्यवस्था सख्त

जालंधर. पंजाब सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदलने और वहां सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक विशाल परियोजना की घोषणा की है। प्रदेश के लगभग 13 हजार गांवों को रोशन करने के लिए तीन लाख सौर स्ट्रीट लाइटें लगाने की कार्ययोजना को अंतिम रूप दे दिया गया है। ‘मुख्यमंत्री रोशन पंजाब योजना’ के तहत गांवों की गलियों और सार्वजनिक स्थलों को आधुनिक सौर ऊर्जा प्रणाली से लैस किया जाएगा, जिससे ग्रामीण जीवन स्तर में व्यापक सुधार की उम्मीद है। 550 करोड़ का बजट और कार्यान्वयन की रणनीति जालंधर में आयोजित एक महत्वपूर्ण चर्चा के दौरान कैबिनेट

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Published On :

अप्रैल 13, 2026

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जालंधर.

पंजाब सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदलने और वहां सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक विशाल परियोजना की घोषणा की है। प्रदेश के लगभग 13 हजार गांवों को रोशन करने के लिए तीन लाख सौर स्ट्रीट लाइटें लगाने की कार्ययोजना को अंतिम रूप दे दिया गया है।

‘मुख्यमंत्री रोशन पंजाब योजना’ के तहत गांवों की गलियों और सार्वजनिक स्थलों को आधुनिक सौर ऊर्जा प्रणाली से लैस किया जाएगा, जिससे ग्रामीण जीवन स्तर में व्यापक सुधार की उम्मीद है।

550 करोड़ का बजट और कार्यान्वयन की रणनीति
जालंधर में आयोजित एक महत्वपूर्ण चर्चा के दौरान कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली कैबिनेट ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस पूरे मिशन पर अनुमानित 550 करोड़ रुपये की लागत आएगी। विभाग ने इसकी निविदा प्रक्रिया को शीघ्र अति शीघ्र आरंभ करने के निर्देश दिए हैं। योजना का मुख्य केंद्र बिंदु गांवों के वे सार्वजनिक स्थान और घनी आबादी वाले मोहल्ले हैं, जहां वर्तमान में प्रकाश व्यवस्था का अभाव है।

सुरक्षा और आर्थिक प्रगति पर विशेष ध्यान
अंधेरा दूर होने से न केवल गांवों का स्वरूप बदलेगा, बल्कि इससे स्थानीय निवासियों की कार्यक्षमता और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी। सौर लाइटों के लगने से रात के समय होने वाली आपराधिक वारदातों में कमी आएगी और विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। सरकार ने इस परियोजना को पूरा करने के लिए एक सख्त समय सीमा तय की है, जिसके तहत जून से कार्य शुरू होकर अक्टूबर तक संपन्न किया जाएगा। पूरी व्यवस्था के प्रबंधन के लिए चंडीगढ़ में एक उच्च स्तरीय नियंत्रण केंद्र बनाया जा रहा है और नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जाएगा।

रखरखाव की जिम्मेदारी और वित्तीय ढांचा
परियोजना की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने विशेष प्रावधान किए हैं। जिस कंपनी को लाइटें लगाने का अनुबंध मिलेगा, वही अगले सात वर्षों तक इनके परिचालन और मरम्मत के लिए उत्तरदायी होगी। यदि कोई लाइट खराब होती है, तो उसे 72 घंटे के भीतर ठीक करना अनिवार्य होगा, अन्यथा कंपनी पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस योजना के कुल व्यय का 70 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा, जबकि शेष 30 प्रतिशत का योगदान ग्राम पंचायतें करेंगी। इसके साथ ही गांवों में पहले से मौजूद बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को भी इस अभियान के तहत पुनर्जीवित किया जाएगा।

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