हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: मेडिकल ऑफिसर भर्ती परीक्षा 15 दिनों में फिर से होगी, बदलाव से प्रभावित कई अभ्यर्थी

इंदौर जबलपुर हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने एमपीपीएससी (MPPSC) के तहत मेडिकल ऑफिसर्स की भर्ती से जुड़े मामले में फैसला सुनाया है. इंदौर हाईकोर्ट ने मामले में पूरी प्रक्रिया को फिर से आयोजित करने के निर्देश मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग को दिए हैं. हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद कई मेडिकल ऑफिसर्स को बड़ी राहत मिली है. अचानक जोड़ दिया गया एडिशनल रजिस्ट्रेशन का नियम एमपीपीएससी द्वारा साल 2024-2025 में मेडिकल ऑफिसर भर्ती को लेकर वैकेंसी निकाली गई थी. जहां कई लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराए थे. जिन लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराए थे, उनके इंटरव्यू किए गए. इसी बीच ऐन

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Published On :

जनवरी 28, 2026

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इंदौर
जबलपुर हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने एमपीपीएससी (MPPSC) के तहत मेडिकल ऑफिसर्स की भर्ती से जुड़े मामले में फैसला सुनाया है. इंदौर हाईकोर्ट ने मामले में पूरी प्रक्रिया को फिर से आयोजित करने के निर्देश मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग को दिए हैं. हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद कई मेडिकल ऑफिसर्स को बड़ी राहत मिली है.

अचानक जोड़ दिया गया एडिशनल रजिस्ट्रेशन का नियम

एमपीपीएससी द्वारा साल 2024-2025 में मेडिकल ऑफिसर भर्ती को लेकर वैकेंसी निकाली गई थी. जहां कई लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराए थे. जिन लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराए थे, उनके इंटरव्यू किए गए. इसी बीच ऐन वक्त पर रजिस्ट्रेशन में एडिशनल रजिस्ट्रेशन का नियम जोड़ दिया गया. जिसके चलते कई एमबीबीएस डॉक्टर भर्ती प्रक्रिया में से बिना दस्तावेज जांच बाहर हो गए. इस मामलों को लेकर जो डॉक्टर प्रक्रिया को पूरी होने के बाद अचानक से बाहर हुए, उन्होंने इंदौर हाई कोर्ट में एडवोकेट तुषार सोडानी के माध्यम से एक याचिका लगाई.

अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में लगाई थी याचिका

याचिका में एमपीपीएससी द्वारा जारी विज्ञापन के आधार पर मेडिकल ऑफिसर की भर्ती प्रक्रिया के दौरान इंटरव्यू के दिन ही अचानक एडिशनल रजिस्ट्रेशन का नया नियम जोड़ देने की जानकारी कोर्ट को दी गई. साथ ही जिन अभ्यर्थियों के पास यह रजिस्ट्रेशन नहीं था, उन्हें फोन कर इंटरव्यू से बाहर कर दिया गया. अभ्यर्थियों ने इसके खिलाफ एक प्रतिनिधि भी भेजा, लेकिन एमपीपीएससी ने कोई जवाब नहीं दिया. इसके बाद अभ्यार्थियों ने हाईकोर्ट की शरण ली.

15 दिनों में फिर से परीक्षा आयोजित कराने का आदेश

इंदौर हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि एडिशनल रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नियमों में नहीं है. असल आवश्यकता केवल पीजी मार्कशीट और पीजी रिजल्ट की थी. जिसे अभ्यार्थी पहले ही प्रस्तुत कर चुके थे. कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि 'रूल ऑफ द गेम बीच में बदले नहीं जा सकते.' अब हाई कोर्ट की इंदौर बेच ने एमपीपीएससी को निर्देश दिए हैं कि 15 दिनों के भीतर सभी प्रतिनिधित्व पर निर्णय लें और नई प्रक्रिया में पात्रता सुनिश्चित करें. साथ ही भर्ती के लिए आवेदन करने वाले सभी अभ्यार्थियों को मौका दें और रिपोर्ट कोर्ट में सबमिट करें. 

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