रूस-यूक्रेन युद्ध में बड़ा घटनाक्रम, यूक्रेन ने नौसेना के जहाज पर किया हमला

कीव  यूक्रेन की नौसेना ने एक बड़ा हमला करते हुए रूस के एफएसबी बॉर्डर पैट्रोल जहाज इजुमरुद को समुद्री ड्रोन से डुबो दिया है. इस हमले में जहाज पर सवार रूसी कर्मियों के हताहत होने की पुष्टि हुई है. सैटेलाइट तस्वीरों में जहाज के स्टारबोर्ड साइड पर बड़ा छेद दिख रहा है. यूक्रेन की नौसेना ने कहा है कि बदला लेना जरूरी थी. अभी और भी हमले की लहर आने वाली है. यह घटना रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेन की बढ़ती समुद्री क्षमता को दिखाती है।  इजुमरुद वही रूसी जहाज है जिसने साल 2018 में केर्च की खाड़ी में तीन यूक्रेनी

Wrriten By :

Editor

Published On :

जुलाई 15, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

कीव 

यूक्रेन की नौसेना ने एक बड़ा हमला करते हुए रूस के एफएसबी बॉर्डर पैट्रोल जहाज इजुमरुद को समुद्री ड्रोन से डुबो दिया है. इस हमले में जहाज पर सवार रूसी कर्मियों के हताहत होने की पुष्टि हुई है. सैटेलाइट तस्वीरों में जहाज के स्टारबोर्ड साइड पर बड़ा छेद दिख रहा है. यूक्रेन की नौसेना ने कहा है कि बदला लेना जरूरी थी. अभी और भी हमले की लहर आने वाली है. यह घटना रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेन की बढ़ती समुद्री क्षमता को दिखाती है। 

इजुमरुद वही रूसी जहाज है जिसने साल 2018 में केर्च की खाड़ी में तीन यूक्रेनी नौसेना के जहाजों पर हमला किया था. 24 यूक्रेनी नाविकों को पकड़ लिया था. उस समय यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चित हुई थी. अब लगभग साढ़े सात साल बाद यूक्रेन ने उसी जहाज को निशाना बनाकर जवाब दिया है. यूक्रेनी नौसेना इसे बदला बता रही है. इस जहाज को रूस की सीमा सुरक्षा सेवा (FSB) संचालित करती थी। 

यूक्रेनी नौसेना ने बताया कि जहाज के चालक दल में कुछ लोग हताहत हुए हैं और कुछ घायल हुए हैं। कीव का दावा है कि यह वही रूसी जहाज है जिसने नवंबर 2018 में केर्च जलडमरूमध्य में यूक्रेनी नौसेना के जहाजों पर हमला किया था। 

 रूस ने अभी तक इस जानकारी पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
इज़ुम्रुद को 2014 में लॉन्च किया गया था। यह जहाज 62.5 मीटर लंबा है, इसकी विस्थापन क्षमता 750 टन तक है और इसमें हेलीकॉप्टर लैंडिंग डेक की सुविधा है। इसकी अधिकतम गति 27 समुद्री मील है।

13 जुलाई की रात को, यूक्रेनी मानवरहित हवाई वाहन इकाइयों ने रूस के "रात्रि बेड़े" से संबंधित 15 जहाजों पर हमला किया। इसके अलावा, रूस के अस्थायी नियंत्रण वाले क्षेत्रों में स्थित ऊर्जा सुविधाओं के साथ-साथ रूसी वायु रक्षा प्रणालियों को भी निशाना बनाया गया।

इससे पहले, 9 जुलाई की रात को, यूक्रेनी रक्षा बलों ने रूसी जहाजों, एक तेल बंदरगाह और एक गोला-बारूद डिपो पर हमला किया। गौरतलब है कि आज़ोव सागर में रूसी नौसेना के 12 जहाजों को गोलीबारी में निशाना बनाया गया।

इस महीने की शुरुआत में, यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने घोषणा की कि रूस ने काला सागर में स्थिति पर अपना नियंत्रण खो दिया है। सैन्य अधिकारियों के साथ अपनी बैठक के दौरान, रूसी काला सागर बेड़े के नष्ट हुए जहाजों को दर्शाने वाला एक आरेख भी दिखाया गया।

समुद्री ड्रोन से हमला
यूक्रेन ने इस हमले में सरगन-3000 (Sargan-3000) नामक समुद्री ड्रोन का इस्तेमाल किया. यह ड्रोन यूक्रेन की स्वदेशी तकनीक से बना माना जा रहा है. ड्रोन ने जहाज के दाईं तरफ (स्टारबोर्ड साइड) पर हमला किया, जिससे जहाज में बड़ा छेद हो गया. सैटेलाइट इमेजरी में साफ दिख रहा है कि जहाज को काफी नुकसान पहुंचा है. हमले में जहाज पर मौजूद क्रू मेंबर्स के हताहत होने की खबर है, हालांकि अभी सटीक संख्या की पुष्टि नहीं हुई है। 

यूक्रेन अब समुद्री क्षेत्र में रूस पर और हमले करने की तैयारी कर रहा है. यूक्रेन की सेना ब्लैक सी में रूसी जहाजों को लगातार नुकसान पहुंचा रही है, जिससे रूस की नौसेना को भारी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। 

युद्ध पर असर
यह घटना रूस-यूक्रेन युद्ध के समुद्री मोर्चे पर एक महत्वपूर्ण विकास है. रूस के लिए यह शर्मिंदगी भरी खबर है क्योंकि 2018 का केर्च हमला रूस की जीत माना जाता था. अब उसी जहाज का डूबना यूक्रेन के लिए सिम्बोलिक विक्ट्री है. विशेषज्ञों का कहना है कि यूक्रेन के समुद्री ड्रोन अब रूसी नौसेना के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं। 

 

2