स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के बीच बड़ा फैसला, MP में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 लागू

स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26: प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 प्रभावी : लापरवाही और नियमों के उल्लंघन पर होगी दंडात्मक कार्रवाई – आयुक्त भोंडवे भोपाल                  स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने सभी नगरीय निकायों को 'ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026' का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अब शहर से कचरा केवल हटाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि 'वेस्ट टू वेल्थ' की परिकल्पना को साकार करते हुए रिसायकल के लिए इसका जिम्मेदारी से प्रबंधन करना आवश्यक है। इन नवीन नियमों के तहत अब

Wrriten By :

Editor

Published On :

मई 14, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26: प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 प्रभावी : लापरवाही और नियमों के उल्लंघन पर होगी दंडात्मक कार्रवाई – आयुक्त भोंडवे

भोपाल

                 स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने सभी नगरीय निकायों को 'ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026' का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अब शहर से कचरा केवल हटाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि 'वेस्ट टू वेल्थ' की परिकल्पना को साकार करते हुए रिसायकल के लिए इसका जिम्मेदारी से प्रबंधन करना आवश्यक है। इन नवीन नियमों के तहत अब प्रत्येक घर में कचरे का अलग-अलग संग्रहण अनिवार्य किया है, अब नागरिकों को गीला, सूखा और घरेलू हानिकारक कचरा पृथक डस्टबिन में देना होगा। इस सुव्यवस्थित प्रक्रिया के माध्यम से गीले कचरे से जैविक खाद का निर्माण किया जाएगा तथा सूखे कचरे का वैज्ञानिक तरीके से पुनर्चक्रण होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ''स्वच्छता अब सिर्फ आदत नहीं, बल्कि एक अनिवार्य जिम्मेदारी है।'' खुले में कचरा फेंकने, प्लास्टिक जलाने या सार्वजनिक स्थानों को गंदा करने जैसी गतिविधियों पर अब कड़ी कार्रवाई होगी तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में दंडात्मक प्रक्रिया के साथ जुर्माना भी वसूला जाएगा। इसके अतिरिक्त, थोक कचरा उत्पादकों (BWG) को भी अपने परिसर में ही कचरे का ऑन-साइट प्रसंस्करण करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

      स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के अंतर्गत सुरक्षित पर्यावरण और स्वस्थ भविष्य के निर्माण के लिए राज्य के 406 नगरीय निकाय पूर्णतः कटिबद्ध हैं, जिनमें 28 नए निकाय पहली बार इस प्रतिस्पर्धा में शामिल हो रहे हैं। नागरिकों की छोटी पहल से बड़े बदलाव का लक्ष्य लेकर चल रहे इन निकायों द्वारा जमीनी स्तर पर की जा रही तैयारियों का मूल्यांकन विभिन्न श्रेणियों में किया जाएगा। सर्वेक्षण में मैदानी स्तर पर उत्कृष्ट व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा विभागीय अमले की दक्षता बढ़ाने के लिए प्रदेश में 51 क्षमता वर्धन कार्यशालाओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया है। इसके साथ ही, तीन वृहद राज्य स्तरीय कार्यशालाएं भी की गई। जिनके माध्यम से सभी 406 निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO), यंत्रियों और स्वच्छता नोडल अधिकारियों का प्रभावी क्षमतावर्धन किया गया है। मैदानी स्तर पर कार्य कर रहे अमले को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 874 महिला सफाई मित्रों को भी 15 विभिन्न बैचों में 'स्वास्थ्य एवं स्वच्छता' तथा 'कार्य के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों' पर विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है। सुदृढ़ जन-भागीदारी और इन व्यापक प्रशासनिक तैयारियों के बल पर मध्यप्रदेश का लक्ष्य अपने शहरों को पूर्णतः स्वच्छ बनाकर राष्ट्रीय स्तर पर अपना गौरव स्थापित करना है।

 

Leave a Comment

2