स्ट्रीट लाइट की झूठी रिपोर्टिंग पर बड़ा ऐक्शन, कानपुर में 11 कर्मचारी निलंबित; अफसरों के तबादले

पटना  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद कानपुर में बड़ा ऐक्शन शुरू हो गया है। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने कानपुर नगर निगम में ‘ऑपरेशन क्लीन’ शुरू कर दिया है। पथ प्रकाश विभाग में तैनात ऐसे 11 स्विच मैन को निलंबित कर दिया है, जिन्होंने मौके पर स्ट्रीट लााइटें खराब या बंद होने के बाद भी मोबाइल पर दर्शा दिया कि शिकायतों का निस्तारण हो गया है। इसके साथ ही अपने कार्यालय के स्टेनो, रबिश प्रभारी और जोन दो में तैनात जेई को हटाकर दूसरी जगह तैनात कर दिया है। नगर आयुक्त की ओर से गुरुवार को जारी हुए

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Published On :

अगस्त 28, 2026

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पटना 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद कानपुर में बड़ा ऐक्शन शुरू हो गया है। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने कानपुर नगर निगम में ‘ऑपरेशन क्लीन’ शुरू कर दिया है। पथ प्रकाश विभाग में तैनात ऐसे 11 स्विच मैन को निलंबित कर दिया है, जिन्होंने मौके पर स्ट्रीट लााइटें खराब या बंद होने के बाद भी मोबाइल पर दर्शा दिया कि शिकायतों का निस्तारण हो गया है। इसके साथ ही अपने कार्यालय के स्टेनो, रबिश प्रभारी और जोन दो में तैनात जेई को हटाकर दूसरी जगह तैनात कर दिया है।

नगर आयुक्त की ओर से गुरुवार को जारी हुए निलंबन आदेश से हड़कंप मच गया। निलंबित होने वाले कर्मियों में जोन एक के मो. आसिफ, जोन दो के शिवनंदन, जोन तीन के अशोक कुमार, जोन चार के कलाम, शफी मोहम्मद व टीनू कश्यप, जोन छह के घनश्याम कुमार, रोहिताश दीक्षित, अनिल कुमार और रमेश चंद्र हैं। इन पर लापरवाही बरतने, शिकायतों का झूठा निस्तारण दर्शाने और अनुशासनहीनता बरतने का आरोप है। संबंधित जोन के पार्षदों द्वारा भी स्ट्रीट लाइटों के खराब होने की शिकायतें की जा रहीं थीं।

कर्मचारियों को कई बार चेतावनी दी गई थी
इन कर्मचारियों को कई बार चेतावनी दी गई थी मगर कोई सुधार नहीं हुआ। मामले में अपर नगर आयुक्त अनूप कुमार को जांच अधिकारी नामित किया गया है। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी।

हटाकर कहीं और भेजा गया
जोनल कार्यालय जोन दो में तैनात अवर अभियंता दिनेश प्रसाद का स्थानांतरण कार्यालय जोन छह में कर दिया गया है। नगर आयुक्त ने अपने कार्यालय से संबद्ध स्टेनो संजय प्रसाद कटियार का भी स्थानांतरण जोन छह में कर दिया है। रबिश प्रभारी रफजुल रहमान को जोन दो के जोनल कार्यालय भेज दिया है। इनमें से अवर अभियंता दिनेश प्रसाद पर कुछ माफिया ठेकेदारों से संबंध होने के भी आरोप लग रहे थे। नगर आयुक्त के पास कई शिकायतें पहुंचीं थीं।

अपर पुलिस आयुक्त करेंगे मॉनीटरिंग
पुलिस आयुक्त ने बताया कि अपर पुलिस आयुक्त कानून और व्यवस्था डॉ. विपिन टाडा को मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी दी गई है। वह नगरआयुक्त के साथ मिलकर पूरे मामले पर नजर रखेंगे।

नगर आयुक्त के साथ चलेगा पुलिस एस्कॉर्ट
टेंडर रैकेट सामने आने के बाद नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय को कमिश्नरेट पुलिस की ओर से सुरक्षा दी गई। उन्हें दो एसआई और चार पुलिस कर्मियों की भारी भरकम सुरक्षा मुहैया कराई गई है। जिसके बाद अब उनके साथ ही पुलिस एस्कॉर्ट चलेगा। अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ठेकेदारों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के चलते सुरक्षा मुहैया कराई गई है। दरअसल ठेकेदार रसूखदार हैं।

पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के अनुसार नगर निगम के टेंडर रैकेट में ठेकेदार ही नहीं बल्कि अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं। इनसे जुड़ी कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं जिनकी जांच कराई जा रही है। जेई और दूसरे कर्मचारी फर्में बनाकर ठेके ले रहे थे।

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