West Bengal Politics : जब मैं पूरी रात रोई तो सुवेंदु अधिकारी ने संभाला, महुआ मोइत्रा का बयान बना चर्चा

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बयान ने नई बहस छेड़ दी है। महुआ मोइत्रा ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में ऐसा खुलासा किया, जिसमें उन्होंने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी सुवेंदु अधिकारी का जिक्र करते हुए भावुक अनुभव साझा किया। बयान सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया। आखिर क्या कहा महुआ ने?

West Bengal Politics

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 24, 2026

West Bengal Politics : तृणमूल कांग्रेस (TMC) की फायरब्रांड सांसद महुआ मोइत्रा का एक हालिया इंटरव्यू सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इस इंटरव्यू में महुआ ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के साथ अपने पुराने और ‘इमोशनल कनेक्शन’ का जिक्र किया है। अपने X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर इस इंटरव्यू को साझा करते हुए महुआ ने बताया कि जब उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी, तब शुभेंदु अधिकारी ने उनका भरपूर साथ दिया था। हालांकि, महुआ ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी बदलने के बाद अब उनके और शुभेंदु के बीच कोई संवाद नहीं है।

करियर की शुरुआत और शुभेंदु का समर्थन

महुआ मोइत्रा ने इंटरव्यू के दौरान उस दौर को याद किया जब उन्हें लोकसभा चुनाव के टिकट को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने बताया कि उस कठिन समय में शुभेंदु अधिकारी उनके साथ मजबूती से खड़े थे और उन्होंने भरोसा दिलाया था कि सब ठीक हो जाएगा। महुआ ने कहा, “जब मैंने करीमनगर से पहली बार चुनाव लड़ा था, तब मेरा समर्थन करने वाला कोई नहीं था। उस वक्त शुभेंदु वहां मेरे साथ थे और उन्होंने झंडे लगवाने से लेकर चुनाव प्रचार से जुड़ी हर संभव मदद की थी।” महुआ के अनुसार, व्यक्तिगत संबंधों और पुराने एहसानों को राजनीतिक विचारधारा से अलग रखकर देखना चाहिए।

‘पूरा इंटरव्यू सुनें’, महुआ ने दी आलोचकों को नसीहत

इंटरव्यू के कुछ अंश वायरल होने के बाद महुआ मोइत्रा को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए महुआ ने सोशल मीडिया पर सफाई दी कि इंटरव्यू में केवल चुनिंदा बातें ही दिखाई जा रही हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे पूरा इंटरव्यू सुनने के बाद ही कोई राय बनाएं। महुआ ने स्पष्ट किया, “शुभेंदु कोई फरिश्ता नहीं हैं, लेकिन उन नेताओं के उलट जिन्होंने पार्टी में रहकर गद्दारी की, उनमें पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने की हिम्मत थी। टीएमसी में साथ रहने के दौरान हमारे संबंध अच्छे थे, लेकिन उनके पार्टी छोड़ने के बाद से मेरी उनसे कोई बात नहीं हुई है।”

राजनीतिक गलियारों में महुआ के बयान से कयासबाजी

महुआ मोइत्रा वर्तमान में कृष्णानगर लोकसभा सीट से सांसद हैं और टीएमसी में मची आंतरिक उठापटक के बाद भी पूरी तरह से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मजबूती से खड़ी हैं। टीएमसी में दरार के बाद से ही वे बागी गुट और भाजपा पर तीखे हमले करती रही हैं। ऐसे में शुभेंदु अधिकारी की तारीफ करना राजनीतिक गलियारों में नई अटकलों को जन्म दे रहा है। जानकार मान रहे हैं कि महुआ ने केवल पुरानी कृतज्ञता व्यक्त की है, जबकि भाजपा इसे अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश कर रही है।

विचारधारा बनाम व्यक्तिगत संबंध का द्वंद्व

महुआ मोइत्रा का यह बयान इस बात पर प्रकाश डालता है कि कैसे भारतीय राजनीति में विचारधारात्मक प्रतिद्वंद्विता के बावजूद व्यक्तिगत संबंध अपनी जगह कायम रहते हैं। हालांकि, टीएमसी सांसद का यह रुख पार्टी के भीतर और बाहर कई तरह के सवालों को जन्म दे रहा है। महुआ की अपील के बावजूद यह स्पष्ट है कि बंगाल की राजनीति में ‘शुभेंदु’ नाम का उल्लेख किसी भी टीएमसी नेता के लिए विवादों को आमंत्रित करने जैसा है। महुआ की स्पष्टवादिता और पुरानी यादों के इस ‘इमोशनल’ तड़के ने राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।

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