Maharashtra Rain Alert: महाराष्ट्र में मानसून की रफ्तार तेज होते ही आफत के बादल मंडराने लगे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज (8 जुलाई 2026) से अगले पांच दिनों के लिए राज्य के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने मुंबई, मुंबई उपनगर, ठाणे और नासिक के लिए ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) घोषित किया है। वहीं, पालघर, रायगढ़ के साथ-साथ नासिक, पुणे और सतारा के पहाड़ी घाट क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट (Red Alert) जारी किया गया है। इस चेतावनी के बाद प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है और नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
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मुंबई में चंद मिनटों की बारिश ने खोली बीएमसी की पोल
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश ने एक बार फिर शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। मानसून की इस नई लहर के सामने बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के दावों और ड्रेनेज सिस्टम की पोल खुलती नजर आ रही है।
किंग सर्कल पर भरा पानी: मुंबई के किंग सर्कल इलाके में महज कुछ ही मिनटों की मूसलाधार बारिश के बाद सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। जलभराव इस कदर बढ़ गया कि सड़कों पर गाड़ियां तैरती नजर आईं और बीएमसी को स्थिति संभालने के लिए बड़े-बड़े पानी निकालने वाले पंप लगाने पड़े।
गड्ढों से बढ़ी मुसीबत: पानी कम होने के बाद डामर की मुख्य सड़कों पर बड़े और गहरे गड्ढे उभर आए हैं। ये गड्ढे जलजमाव के बीच हादसों को न्योता दे रहे हैं, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं।
थम गई रफ्तार: निचले इलाकों में जलभराव और भारी गड्ढों के कारण मुंबई की प्रमुख सड़कों पर मीलों लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है, जिससे लोग घंटों दफ्तर और घरों के बीच फंसे हुए हैं।
नासिक में बाढ़ जैसे हालात
मुंबई से इतर नासिक जिले में भी मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। नासिक और उसके आसपास के घाट क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पवित्र गोदावरी नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है।
जलमग्न हुए घाट और मंदिर: नदी में पानी का बहाव इतना तेज है कि नासिक का प्रसिद्ध और पवित्र रामकुंड पूरी तरह से पानी में समा गया है। घाट के किनारे स्थित कई प्राचीन छोटे-बड़े मंदिर जलमग्न हो चुके हैं।
सीढ़ियों पर बह रहा पानी: जिन घाटों और सीढ़ियों पर रोजाना हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ पूजा-अर्चना के लिए जुटती थी, वहां अब सिर्फ गोदावरी नदी का तेज और डरावना बहाव नजर आ रहा है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर श्रद्धालुओं को घाटों से दूर रहने के निर्देश दिए हैं।
अगले पांच दिन बेहद संवेदनशील
मौसम विभाग के रेड और ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए पालघर, रायगढ़ और सतारा के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslide) का खतरा बढ़ गया है। पुणे और सतारा के घाटों पर यात्रा करने वाले पर्यटकों और चालकों को विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों (Disaster Management Teams) को तैनात कर दिया है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले पांच दिनों तक महाराष्ट्र के इन तटीय और पश्चिमी जिलों में राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
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