Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर दल-बदल को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने रविवार को एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य धीरज लिंगाडे को पार्टी बदलने के लिए 20 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी। राउत के इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। हालांकि, खुद धीरज लिंगाडे ने इस तरह के किसी भी ऑफर से साफ इनकार किया है।
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राउत का दावा, लिंगाडे को मिला था बड़ा ऑफर
संजय राउत ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं, सांसदों और विधायकों को तोड़ने की कोशिश लगातार की जा रही है। इसी क्रम में उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस एमएलसी धीरज लिंगाडे को दल बदलने के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया गया था। राउत ने कहा कि यह जानकारी उन्हें मिली है और इस मामले को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।
हालांकि राउत ने अपने बयान में यह स्पष्ट नहीं किया कि यह कथित रकम किसने ऑफर की थी। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि लिंगाडे को किस पार्टी में शामिल होने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद राउत के बयान ने महाराष्ट्र की सियासी बहस को नया मोड़ दे दिया है।
दल-बदल की राजनीति पर राउत का हमला
संजय राउत ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को तोड़ने और दल बदल करवाने की राजनीति लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने इशारों में कहा कि कुछ लोग यह नहीं समझ पा रहे हैं कि उन्हें कहां रुकना चाहिए। राउत ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि जो लोग मर्यादा नहीं समझते, उनका अंत अच्छा नहीं होता। उन्होंने कहा कि राजनीति में सत्ता हासिल करने या बनाए रखने के लिए नेताओं की खरीद-फरोख्त जैसी प्रवृत्ति लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करती है। राउत के मुताबिक, किसी न किसी स्तर पर इस तरह की राजनीति पर रोक लगनी ही चाहिए।
धीरज लिंगाडे ने आरोपों से किया इनकार
संजय राउत के दावे के बाद कांग्रेस एमएलसी धीरज लिंगाडे ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा कोई ऑफर नहीं मिला है। लिंगाडे ने यह भी कहा कि वह संजय राउत के बयान से हैरान हैं। उनके मुताबिक, उन्हें इस तरह की किसी पेशकश की जानकारी नहीं है और न ही किसी ने उनसे दल बदलने को लेकर संपर्क किया है।
लिंगाडे के इनकार के बाद राउत के दावे पर सवाल भी उठने लगे हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अगर ऐसा कोई प्रस्ताव दिया गया था, तो राउत को इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।
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बीजेपी नेता गिरीश महाजन ने राउत पर साधा निशाना
बीजेपी की महाराष्ट्र इकाई के वरिष्ठ नेता और राज्य मंत्री गिरीश महाजन ने भी संजय राउत के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि राउत अक्सर बिना आधार के आंकड़े और दावे पेश करते रहते हैं। महाजन ने तंज कसते हुए कहा कि शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय अपने संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। महाजन के बयान के बाद यह मामला और राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है। एक तरफ राउत इसे दल-बदल की राजनीति से जोड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी इसे बेबुनियाद आरोप बता रही है।










