Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बहुत बड़ा सियासी उलटफेर होने के संकेत मिल रहे हैं। बुधवार (15 जुलाई) की देर रात शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के कद्दावर नेता और प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटील अचानक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ बंगले पर पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में हुई इस औचक बैठक ने राज्य के सियासी गलियारों में भारी हलचल पैदा कर दी है। राजनीतिक पंडित अब इस मुलाकात के कई मायने निकाल रहे हैं और माना जा रहा है कि महाराष्ट्र की राजनीति में जल्द ही कोई नया और बड़ा मोड़ देखने को मिल सकता है।
‘वर्षा’ बंगले पर आधी रात की बैठक
इस घटनाक्रम की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि मुख्यमंत्री आवास पर सिर्फ जयंत पाटील ही नहीं, बल्कि अजित पवार गुट के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे भी मौजूद थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इन तीनों नेताओं की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ काफी लंबी और गोपनीय चर्चा हुई है।
बैठकों का दौर: देवेंद्र फडणवीस से मिलने से ठीक पहले जयंत पाटील ने दक्षिण मुंबई स्थित शरद पवार के निजी आवास ‘सिल्वर ओक’ जाकर उनसे मुलाकात की थी। वहां से सीधे वे मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। इस हाई-प्रोफाइल बैठक को लेकर अभी तक किसी भी दल या नेता की ओर से कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है, जिसने सस्पेंस को और अधिक बढ़ा दिया है।
विधायकों की नाराजगी और एनडीए में जाने की चर्चा
अंदरूनी सूत्रों की मानें तो इस समय शरद पवार की पार्टी एक बड़े आंतरिक संकट से जूझ रही है। चर्चाएं गर्म हैं कि शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के 10 विधायकों में से अधिकांश विधायक सत्ताधारी एनडीए (NDA) गठबंधन में शामिल होने के पक्ष में हैं।
बताया जा रहा है कि विपक्षी पाले में होने के कारण विधायकों को अपने क्षेत्रों में विकास कार्य न मिलने और फंड की मंजूरी में अत्यधिक देरी होने की शिकायत है। विधायकों ने अपनी इस गंभीर चिंता और नाराजगी से जयंत पाटील को अवगत कराया था, जिसके बाद पाटील ने खुद शरद पवार से मुलाकात कर उन्हें पूरी स्थिति बताई और फिर देर रात मुख्यमंत्री फडणवीस के पास पहुंचे।
क्या टूटने की कगार पर है शरद पवार की पार्टी?
शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के सांसदों और विधायकों में हुई बड़ी बगावत के बाद अब महाराष्ट्र के सियासी हलकों में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि अगला नंबर शरद पवार के गुट का हो सकता है।
वर्तमान में शरद पवार की पार्टी के पास महाराष्ट्र में 10 विधायक और संसद में 8 सांसद हैं। विधायकों की नाराजगी और सत्ता पक्ष के साथ जयंत पाटील की इस गुप्त बैठक के बाद इन सभी जनप्रतिनिधियों के पाला बदलने का खतरा काफी बढ़ गया है। माना जा रहा है कि इसी संभावित टूट को रोकने या फिर किसी नए सियासी समीकरण को अमलीजामा पहनाने के लिए जयंत पाटील ने देवेंद्र फडणवीस के साथ आधी रात को यह महत्वपूर्ण मुलाकात की है। आने वाले दिन महाराष्ट्र की सत्ता और राजनीति के लिए बेहद निर्णायक साबित होने वाले हैं।
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