Maharashtra News: असम के वरिष्ठ नेता और नगांव से दो बार सांसद रह चुके प्रद्युत बोरदोलोई ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। वह असम के पूर्व कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। उनके इस्तीफे ने चुनावी माहौल में कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है।
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प्रियंका चतुर्वेदी की प्रतिक्रिया

शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं का पार्टी छोड़ना और लगातार बाहर जाना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में राज्यसभा चुनावों में क्रॉस वोटिंग देखने को मिली, जो कांग्रेस में आंतरिक असंतोष और अस्थिरता को दर्शाता है।
सत्ता पक्ष पर आरोप
प्रियंका चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष साम-दाम-दंड-भेद की नीति अपनाकर विपक्षी नेताओं को अस्थिर कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है कि नेताओं पर किस तरह दबाव बनाया जा रहा है और उनके काम में दिक्कतें खड़ी की जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी में इतनी प्रतिभा की कमी है कि उन्हें दूसरी पार्टियों से नेताओं को शामिल करना पड़ रहा है।
असम के मुख्यमंत्री पर टिप्पणी
प्रियंका चतुर्वेदी ने आगे कहा कि असम के मुख्यमंत्री भी कांग्रेस से ही आए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी के कार्यकर्ताओं के मन में द्वेष आता होगा कि वे पार्टी का झंडा उठाकर मेहनत करें और दूसरी पार्टियों से आए नेता पैराशूट की तरह सीधे ऊँचे पदों पर बैठा दिए जाएं।
राज्यसभा चुनाव और क्रॉस वोटिंग
बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर महागठबंधन को मिली हार पर भी प्रियंका चतुर्वेदी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अब राज्यसभा चुनावों में भी खुलेआम ‘हॉर्स-ट्रेडिंग’ हो रही है। बिहार में कांग्रेस के तीन विधायकों ने वोट नहीं किया, जिससे महागठबंधन को नुकसान हुआ। जिस सीट पर जीत का दावा किया जा रहा था, वहां भी एनडीए को जीत मिली।
प्रद्योत बोरदोलोई का इस्तीफा और प्रियंका चतुर्वेदी की प्रतिक्रिया कांग्रेस की मौजूदा स्थिति और विपक्षी राजनीति की चुनौतियों को उजागर करती है। चुनावी माहौल में नेताओं का पार्टी छोड़ना कांग्रेस के लिए गंभीर संकट है, वहीं प्रियंका चतुर्वेदी का बयान सत्ता पक्ष की रणनीतियों पर सवाल खड़ा करता है।









