Maharashtra News: संघ प्रमुख मोहन भागवत द्वारा वीर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस पर कांग्रेस नेता भाई जगताप ने कहा कि जिन पर गंभीर आरोप हैं, उन्हें यह सम्मान देना भारत रत्न की गरिमा को कम करेगा। उन्होंने कहा कि यह देश का सर्वोच्च सम्मान है, जो 140 करोड़ नागरिकों की भावनाओं से जुड़ा है और अब तक उन्हीं व्यक्तित्वों को दिया गया है जिन्होंने अपना जीवन राष्ट्र या किसी बड़े उद्देश्य के लिए समर्पित किया।
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सम्मान की गरिमा पर सवाल
भाई जगताप ने कहा कि भारत रत्न से बड़ा कोई पुरस्कार नहीं है। संघ प्रमुख देश के नहीं, संगठन के प्रमुख हैं। ऐसे विवादित नामों को सम्मान देने से इसकी गरिमा पर सवाल उठेंगे। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा हुआ तो पूरा देश इसका विश्लेषण करेगा और यह सम्मान की तौहीन होगी।
सरकार और कानून व्यवस्था पर निशाना
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में कई ऐसे मंत्री हैं जिन पर दाग लगे हैं। ऐसे माहौल में भारत रत्न देने से सम्मान की गरिमा घटेगी। उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे को हवा नहीं देना चाहते, लेकिन फैसला सरकार का होगा और जनता इसका जवाब देगी।
कला और राजनीति को अलग रखने की बात
संघ प्रमुख के कार्यक्रम में अभिनेता सलमान खान की मौजूदगी पर भाई जगताप ने कहा कि कला और खेल को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कलाकारों को धमकियां मिल रही हैं, रोहित शेट्टी के घर फायरिंग हुई है और गैंगस्टरों में कानून का डर नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि 90 के दशक में अंडरवर्ल्ड का डर खत्म किया गया था, लेकिन आज हालात फिर चिंता पैदा कर रहे हैं।
तीन बच्चों वाले बयान पर प्रतिक्रिया
संघ प्रमुख के तीन बच्चों वाले बयान को भाई जगताप ने हास्यास्पद बताया। उन्होंने कहा कि जब भारत जनसंख्या में पहले नंबर पर है, तब इस तरह की सलाह गैरजिम्मेदाराना है। आज महिलाएं पहले से ज्यादा असुरक्षित हैं और युवा खुद तय करने में सक्षम हैं कि कब और किससे शादी करनी है।
अन्य राजनीतिक मुद्दों पर टिप्पणी
उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा कांग्रेस सांसद गौरव गोगई पर दिए बयान पर कहा कि केवल आरोप लगाने से कुछ नहीं होगा, कार्रवाई करनी चाहिए। बीएमसी में रितु तावड़े के मेयर बनने और घुसपैठियों पर दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि सरकार और कानून मौजूद हैं, लेकिन बीते 12 साल में कितने घुसपैठिए निकाले गए, यह बताना चाहिए।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के बयान को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि संसद देश का पवित्र मंदिर है, लेकिन विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जाता। चीन जैसे गंभीर मुद्दों पर भी चर्चा नहीं होने दी जाती।
अजित पवार के निधन और खेल पर बयान
महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन से जुड़े सवालों पर उन्होंने कहा कि जहां धुआं होता है, वहां आग भी होती है। 18 साल पुराने विमान, लैंडिंग और तकनीकी खामियों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। वहीं भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच पर उन्होंने कहा कि खेल, कला और संगीत को राजनीति से नहीं जोड़ना चाहिए। क्रिकेट में भारत का दबदबा रहा है और विश्व कप को राजनीतिक नजरिये से देखना ठीक नहीं है।









