गुरुपूर्णिमा के पावन अवसर पर महाभिषेक व महाआरती

गुरुपूर्णिमा के पावन अवसर पर महाभिषेक व महाआरती  झाबुआ जिले की पेटलावाद तेहसील से लगभग 35 किलो मीटर दूर स्थित प्राचीन तीर्थ स्थल जो की दो नदियों के संगम का स्थल है जो की मधुकन्या ओर माही नदी के मिलने का तट है जिसे श्रृंगेश्वर के नाम से जाना जाता है। ऐसे धार्मिक स्थल पर आयोजित किया जा रहा है गुरुपूर्णिमा का महत्सोव। जो की महंत श्री श्री 1008 काशीगीरी जी महाराज के गादीपति महंत श्री श्री रामेश्वर गिरिजी महाराज जी के द्वारा कार्यकर्म को आयोजित किया जा रहा है अतः आसपास के समस्त गांव तेहसील जिले वाले सभी धर्मप्रेमी

Wrriten By :

Editor

Published On :

जुलाई 21, 2026

Advertisements
728x90-Pension-Mission-Shakti-Digital

गुरुपूर्णिमा के पावन अवसर पर महाभिषेक व महाआरती 

झाबुआ
जिले की पेटलावाद तेहसील से लगभग 35 किलो मीटर दूर स्थित प्राचीन तीर्थ स्थल जो की दो नदियों के संगम का स्थल है जो की मधुकन्या ओर माही नदी के मिलने का तट है जिसे श्रृंगेश्वर के नाम से जाना जाता है। ऐसे धार्मिक स्थल पर आयोजित किया जा रहा है गुरुपूर्णिमा का महत्सोव। जो की महंत श्री श्री 1008 काशीगीरी जी महाराज के गादीपति महंत श्री श्री रामेश्वर गिरिजी महाराज जी के द्वारा कार्यकर्म को आयोजित किया जा रहा है अतः आसपास के समस्त गांव तेहसील जिले वाले सभी धर्मप्रेमी जनता से इस अवसर पर सादर आमंत्रित किया गया है। साथ हि आसपास के ग्रामीणों को भी इस आयोजन मे सामिल होने का आग्रह किया है। इस पावन अवसर पर आप सभी पधार कर   धर्मलाभ अवश्य प्राप्त करे ओर अपने जीवन को धन्य बनाये।आपको बताते हुए बड़ा हर्ष हो रहा है की इस पावन मौके को अपने हाथो से जाने ना दे ओर एक बार इस गुरुपूर्णिमा पर पधर्कर् इस प्रकृतिक स्थल का ओर दो नदियों के संगम स्थल का मनमोहक दृश्य अवश्य देखे। यहा पर विराजमान महादेव मंदिर श्रृंगेश्वर धाम पर बड़े हि धूमधाम से प्रतिवर्ष मनाई जाती है उसी को देखते हुए बड़े हि हर्षोल्लास के साथ इसवर्ष भी गुरुपूर्णिमा का महोत्सव समिति के द्वारा आयोजित किया जा रहा है।

728x90-Pension-Mission-Shakti-Digital

 एडिटर, चंद्रशेखर राठौर

2