Magh Month 2026: माघ महीने की हुई शुरुआत, जानें जरूरी नियम और महत्व

माघ मास हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि इस महीने स्नान, दान और तप से मोक्ष की प्राप्ति होती है। प्रमुख स्नान तिथियां हैं – मकर संक्रांति (14 जनवरी), मौनी अमावस्या (18 जनवरी), बसंत पंचमी (23 जनवरी), माघी पूर्णिमा (1 फरवरी) और महाशिवरात्रि (15 फरवरी)।

Magh Month 2026

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जनवरी 4, 2026

Magh Month 2026: सनातन धर्म में वैसे तो हर महीने को महत्वपूर्ण बताया गया है, लेकिन माघ का महीना बेहद ही खास होता है। पौष पूर्णिमा के अगले दिन से आरंभ हो जाता है। इस साल माघ मास की शुरुआत आज यानी 4 जनवरी दिन रविवार से हो चुकी है। इसके अलावा प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर लगने वाला प्रसिद्ध माघ मेले का आरंभ भी 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा के से हो चुका है। ऐसे में हम आपको अपने इस लेख द्वारा माघ मास और माघ मेले से जुड़ी जानकारी प्रदान कर रहे हैं तो आइए जानते हैं।

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माघ मेले में स्नान का महत्व

Magh Month 2026
माघ महीने की हुई शुरुआत

मान्यता है कि माघ मास में पवित्र नदियों में स्नान करने से मनुष्य के जन्म-जन्मान्तर के पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस पूरे महीने में प्रतिदिन स्नान करना फलदायी होता है, लेकिन कुछ विशेष तिथियां ऐसी हैं जिनमें स्नान का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।

पुण्य स्नान की प्रमुख तिथियां

मकर संक्रांति – 14 जनवरी, बुधवार

मौनी अमावस्या – 18 जनवरी, रविवार

बसंत पंचमी – 23 जनवरी, शुक्रवार

माघी पूर्णिमा – 01 फरवरी, रविवार

महाशिवरात्रि – 15 फरवरी, रविवार

इन तिथियों पर संगम या अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।

जानें धार्मिक महत्व

पौराणिक कथाओं के अनुसार, माघ मास में सभी देवी-देवता पृथ्वी पर अवतरित होकर प्रयागराज के संगम तट पर निवास करते हैं। पद्म पुराण में वर्णित है कि इस महीने में भगवान विष्णु की पूजा और तीर्थ स्नान करने से उतना ही पुण्य मिलता है जितना कि एक हजार अश्वमेध यज्ञ करने से प्राप्त होता है। इस मास को ‘माधव मास’ भी कहा जाता है, जो भगवान श्रीकृष्ण का एक नाम है।

माघ महीने में करें इन नियमों का पालन

सूर्योदय से पूर्व स्नान करने का विधान है। यदि नदी किनारे जाना संभव न हो, तो घर पर ही जल में गंगाजल और काले तिल मिलाकर स्नान करें। इस महीने में काले तिल, गुड़, घी, कंबल और गर्म वस्त्रों का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। तामसिक भोजन से बचें। कल्पवासी इस दौरान दिन में केवल एक बार सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं।

माघ मेले में श्रद्धालु तंबुओं में रहकर करते हैं कठिन नियमों का पालन

Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां पौराणिक कथाओं,धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। खबर में दी जानकारी पर विश्वास व्यक्ति की अपनी सूझ-बूझ और विवेक पर निर्भर करता है। प्राइम टीवी इंडिया इस पर दावा नहीं करता है ना ही किसी बात पर सत्यता का प्रमाण देता है।