भारत सरकार के वन नेशन-वन सब्सक्रिप्शन पोर्टल पर पंजीयन कराने में मध्यप्रदेश देश में सबसे आगे

मध्‍यप्रदेश ने रचा कीर्तिमान मंत्री श्री परमार ने विभाग को दी बधाई एवं शुभकामनाएं प्रदेश के 617 से अधिक उच्‍च शिक्षण संस्‍थानों ने कराया पंजीयन विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को आसानी से मिल रहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रसिद्ध शोध पत्रिकाएं और पुस्‍तकें भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने भारत सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन' के क्रियान्वयन में देश भर में सर्वश्रेष्ठ स्थान अर्जित करने की महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त करने पर उच्च शिक्षा विभाग को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मंत्री श्री परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के

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Published On :

जनवरी 14, 2026

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मध्‍यप्रदेश ने रचा कीर्तिमान
मंत्री श्री परमार ने विभाग को दी बधाई एवं शुभकामनाएं
प्रदेश के 617 से अधिक उच्‍च शिक्षण संस्‍थानों ने कराया पंजीयन
विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को आसानी से मिल रहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रसिद्ध शोध पत्रिकाएं और पुस्‍तकें

भोपाल
उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने भारत सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन' के क्रियान्वयन में देश भर में सर्वश्रेष्ठ स्थान अर्जित करने की महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त करने पर उच्च शिक्षा विभाग को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मंत्री श्री परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उच्च शिक्षा विभाग राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है और सतत् नवीन आयाम स्पर्श कर रहा है।

मध्यप्रदेश ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि अर्जित क़ी है। भारत सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन' के क्रियान्वयन में पूरे देश में सिरमौर बनकर उभरा है। वैश्विक स्तर की शोध पत्रिकाओं (जर्नल्स) और डिजिटल लाइब्रेरी तक विद्यार्थियों की पहुंच बनाने में मध्‍यप्रदेश ने कर्नाटक और राजस्थान जैसे राज्यों को काफी पीछे छोड़ दिया है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रारंभ किए गए 'वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन' पोर्टल पर पंजीयन कराने में प्रदेश देश में सबसे आगे हैं। प्रदेश के कुल 617 उच्‍च शिक्षण संस्‍थानों ने अब तक पोर्टल पर पंजीयन कराया है। दूसरे नंबर पर कर्नाटक राज्‍य है, यहां के 480 संस्‍थानों द्वारा पंजीयन कराया गया है।

प्रदेश में योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रथम चरण में प्रदेश स्‍तर पर एक नोडल अधिकारी बनाया गया। दूसरे चरण में प्रत्येक उच्चतर शिक्षण संस्थानों में संस्थावार नोडल अधिकारी नामांकित किए गए। इसके बाद तृतीय चरण में संस्था के नोडल अधिकारी द्वारा संस्था के प्राध्‍यापकों एवं संस्था में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को नामांकित करके उनके आईडी एवं पासवर्ड जनरेट कर यूजर्स को उपलब्ध कराया जाता है, फिर यूजर को आईडी पासवर्ड के माध्यम से 'ओएनओएस' पोर्टल पर जाकर लॉगि‍न करना होगा। इसके बाद यूजर पोर्टल पर उपलब्ध शोध पत्रों/पुस्तकों को निः शुल्क पढ़ सकता है।

देश में 98 लाख 44 हजार 813 यूजर, इसमें मध्‍यप्रदेश से 8 लाख 38 हजार से अधिक
वि‌द्यार्थियों, शोधार्थियों और प्राध्‍यापकों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित शोध पत्रि‍काएं जर्नल्स और पुस्‍तकें एक ही जगह पर आसानी से उपलब्‍ध हो सके, इसके लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा “वन नेशन वन सब्‍सक्रिप्‍शन” वन नेशन, वन सबसक्रिप्शन योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना के माध्‍यम से भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा 30 प्रमुख प्रकाशनों के शोध पत्रों एवं पुस्तकों को 'वन नेशन-वन सब्‍सक्रिप्‍शन' पोर्टल पर आसानी से उपलब्‍ध कराया जा रहा है। पोर्टल पर डिजिटल शि‍क्षा का उपयोग करने के मामले में मध्‍यप्रदेश देश में सबसे आगे है। अब तक प्रदेश के 617 उच्‍च शिक्षण संस्‍थानों द्वारा पंजीयन कराया जा चुका है। आज देश में 98 लाख 44 हजार 813 वि‌द्यार्थियों, शोधार्थियों और प्राध्‍यापकों द्वारा इसका उपयोग किया जा रहा है। इससे राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध संवर्धन और वैश्विक ज्ञान तक समान पहुंच को बढ़ावा मिल रहा है।

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा वन नेशन-वन सब्सक्रिप्शन योजना चलाई जा रही है। योजना के माध्‍यम से पोर्टल पर भारत सरकार द्वारा वि‌द्यार्थियों को शोध के लिए देश विदेश के 30 से अधि‍क प्रमुख प्रकाशकों की शोध पत्रिकाएं व पाठयपुस्‍तकें नि:शुल्‍क उपलब्‍ध कराई जा रही हैं। पोर्टल पर पंजीयन कराने के मामले में मध्‍यप्रदेश, देश में सबसे आगे हैं। प्रदेश के 617 उच्‍च शिक्षण संस्‍थान अब तक पंजीयन करा चुके हैं। 8 लाख 38 हजार से अधिक वि‌द्यार्थी-शोधार्थी पोर्टल का उपयोग कर रहे हैं। इस मामले में भी मध्‍यप्रदेश, पूरे देश में प्रथम स्‍थान पर है।

 

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