मध्य प्रदेश: सरकारी अस्पताल में पहली बार मोटापा क्लिनिक, मरीजों को मिलेगा फ्री इलाज

इंदौर   मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर के शासकीय एमवाय अस्पताल में सोमवार से बेरियेट्रिक (मोटापा) और मेटाबोलिक क्लिनिक की शुरुआत की गई। ये प्रदेश के सरकारी क्षेत्र में अपनी तरह की पहली सुविधा है, जिससे अब मोटापे के मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने क्लिनिक का शुभारंभ करते हुए कहा कि, मोटापा तेजी से गंभीर सामाजिक समस्या बनता जा रहा है। इसके कारण मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य बीमारियां बढ़ रही हैं। बदलती जीवनशैली और गलत खान-पान इसकी बड़ी वजह हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र मरीजों

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Published On :

फ़रवरी 25, 2026

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इंदौर 

 मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर के शासकीय एमवाय अस्पताल में सोमवार से बेरियेट्रिक (मोटापा) और मेटाबोलिक क्लिनिक की शुरुआत की गई। ये प्रदेश के सरकारी क्षेत्र में अपनी तरह की पहली सुविधा है, जिससे अब मोटापे के मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने क्लिनिक का शुभारंभ करते हुए कहा कि, मोटापा तेजी से गंभीर सामाजिक समस्या बनता जा रहा है। इसके कारण मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य बीमारियां बढ़ रही हैं। बदलती जीवनशैली और गलत खान-पान इसकी बड़ी वजह हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र मरीजों का इलाज निशुल्क किया जाएगा। जहां निजी अस्पतालों में इस सर्जरी का खर्च 4 से 5 लाख रुपए तक आता है। वहीं, अब ये सुविधा एमवाय में मुफ्त उपलब्ध होगी। क्लिनिक में मरीजों की जांच, काउंसलिंग और जरूरत पड़ने पर सर्जरी की सुविधा एक ही स्थान पर मिलेगी।

लोगों को बड़ी राहत

शहर के खजराना में रहने 30 वर्षीय गुल अफशां के अनुसार, सर्जरी के बाद उनका वजन 120 किलोग्राम से घटकर डेढ़ महीने में 97 किलोग्राम हो गया है। इससे डायबिटीज में राहत मिली और अब वो पहले से अधिक स्वस्थ महसूस कर रही हैं। इसी तरह सुषमा भिलवारे का कहना है कि, उनका वजन 103 किलोग्राम से घटकर 70 किलोग्राम हो गया है, जिससे बीपी और अन्य समस्याओं में सुधार हुआ है।

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