Lucknow News: लाल बारादरी में नमाज और विरोध के बाद 13 छात्रों को भारी मुचलके का नोटिस

लखनऊ यूनिवर्सिटी की ऐतिहासिक इमारत 'लाल बारादरी' के बाहर नमाज़ पढ़ने और इफ्तार आयोजित करने पर 13 छात्रों को 50,000 रुपये के निजी मुचलके का नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने शांति भंग की आशंका के चलते यह सख्त कदम उठाया है। इस मामले में छात्रों और दक्षिणपंथी संगठनों के बीच बढ़ते तनाव ने तूल पकड़ लिया है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

फ़रवरी 24, 2026

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Lucknow News: लखनऊ विश्वविद्यालय के कैंपस में स्थित ऐतिहासिक इमारत ‘लाल बारादरी’ में धार्मिक गतिविधियों को लेकर उपजे विवाद ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए 13 छात्रों के खिलाफ पाबंदी की कार्रवाई की है।

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शांति भंग की आशंका और निजी मुचलके का आदेश

बताते चले कि, हसनगंज पुलिस स्टेशन की चालान रिपोर्ट के आधार पर एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने 13 छात्रों को नोटिस जारी किया है। आदेश के मुताबिक, इन छात्रों को एक साल तक शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की गारंटी के तौर पर 50,000 रुपये का व्यक्तिगत बॉन्ड और उतनी ही राशि के दो श्योरिटी (ज़मानत) जमा करने का निर्देश दिया गया है। मजिस्ट्रेट ने माना कि कैंपस में हुई गतिविधियों से तनाव पैदा हुआ, जिससे भविष्य में सार्वजनिक शांति भंग होने का खतरा है।

लाल बारादरी के बाहर नमाज़ और इफ्तार

आपको बता दे कि, पूरा मामला तब शुरू हुआ जब कुछ मुस्लिम छात्रों ने लाल बारादरी के बाहर नमाज अदा की। छात्रों का कहना है कि इमारत के गेट बंद होने के कारण उन्होंने बाहर प्रार्थना की। साथ ही वहां इफ्तार का भी आयोजन किया गया था। इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन और पुलिस ने इसे ‘गैर-कानूनी धार्मिक गतिविधि’ करार दिया। छात्रों को जारी नोटिस में स्पष्ट उल्लेख है कि उनकी इन गतिविधियों से परिसर का माहौल बिगड़ा।

भेदभाव और शांतिपूर्ण विरोध का दावा

यूनिवर्सिटी के छात्र अहमद रज़ा ने प्रशासन के दावों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने कोई आपत्तिजनक नारे नहीं लगाए। रज़ा के अनुसार, “हमें नोटिस दिया गया है कि नमाज़ और इफ्तार से शांति भंग हुई, जबकि वहां हिंदू और मुस्लिम छात्र एक साथ थे। असल में शांति तब भंग करने की कोशिश की गई जब बाहरी लोगों ने आकर धार्मिक नारे लगाए।” वहीं, एक अन्य छात्र शुभम खरवार ने बताया कि छात्र लाल बारादरी के गेट बंद किए जाने के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखेंगे।

‘जय श्री राम’ के नारे और कड़ी कार्रवाई की मांग

इस घटना के विरोध में बजरंग दल के सदस्य भी मैदान में उतर आए। नमाज़ के विरोध में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी परिसर में “जय श्री राम” के नारे लगाए और माहौल गर्मा दिया। उन्होंने प्रशासन से उन छात्रों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है, जिन्होंने कथित तौर पर आधिकारिक प्रतिबंधों का उल्लंघन कर वहां धार्मिक प्रार्थनाएं आयोजित की थीं।

प्रशासन और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए

फिलहाल यूनिवर्सिटी प्रशासन और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। छात्रों का एक गुट जहां इसे अपनी धार्मिक स्वतंत्रता और ऐतिहासिक अधिकारों का हनन बता रहा है, वहीं प्रशासन इसे अनुशासनहीनता मान रहा है। छात्रों ने संकेत दिया है कि वे इस नोटिस और लाल बारादरी की तालाबंदी के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराना जारी रखेंगे।

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