Lucknow News: लखनऊ के गुडंबा थाना क्षेत्र के अंतर्गत कुर्सी रोड पर स्थित महावीर इंटर कॉलेज के सामने सोमवार दोपहर एक बड़े अग्निकांड ने सबको झकझोर दिया। ‘मिस्टर फंकी शूज’ नामक जूते के दो मंजिला शोरूम और गोदाम में उस समय हड़कंप मच गया जब एसी के कंप्रेसर में जोरदार धमाका हुआ। सुबह करीब 11:45 बजे हुई इस घटना के बाद आग की लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि चंद मिनटों में ही पूरी पहली मंजिल और गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुँच गईं। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने आसपास के लगभग 50 घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को तत्काल प्रभाव से खाली करवा दिया।
स्कूल कर्मचारियों की तत्परता ने बचाया भूतल का शोरूम
बताते चले कि, इस भयानक आग के दौरान महावीर इंटर कॉलेज के कर्मचारियों ने अनुकरणीय साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। शोरूम से धुआं निकलते ही उन्होंने बिना समय गंवाए कॉलेज के सबमर्सिबल पंप चालू कर दिए और आग पर पानी की बौछार शुरू कर दी। बिजली कटने पर जनरेटर का सहारा लेकर पानी की आपूर्ति जारी रखी गई। कॉलेज प्रशासन की इस त्वरित कार्यवाही के कारण आग भूतल तक नहीं पहुंच सकी, जिससे वहां रखा कीमती माल काफी हद तक सुरक्षित बच गया। शोरूम मालिक मो. समीर और मो. हसीन ने स्कूल के कर्मचारियों की इस मदद की मुक्त कंठ से सराहना की है।
दमकल विभाग की कड़ी मशक्कत और स्ट्रक्चरल रेस्क्यू
आग की गंभीरता को देखते हुए एफएसओ इंदिरानगर पशुपति नाथ मिश्रा के नेतृत्व में दमकल की कुल 10 गाड़ियां मौके पर जुटीं। दमकल कर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए दो हिस्सों में बंटकर काम किया। एक टीम ने सामने से आग बुझाने का प्रयास किया, जबकि दूसरी टीम ने गोदाम की छत और टीन की दीवारों को हथौड़ों से तोड़कर ऊपर से पानी डालना शुरू किया। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूर्णतः काबू पाया जा सका। इस दौरान पास की एक मिठाई की दुकान से 16 गैस सिलिंडरों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
लाखों की क्षति का अनुमान और रिनोवेशन पर उठे सवाल
शोरूम मालिक समीर के अनुसार, मात्र चार महीने पहले ही शोरूम का भव्य रेनोवेशन कराया गया था, जिसमें आधुनिक फिटिंग्स का इस्तेमाल हुआ था। इस अग्निकांड में ब्रांडेड जूतों के स्टॉक और इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलाकर लगभग 40 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। शोरूम मालिक ने दमकल विभाग के पहुंचने में देरी का आरोप भी लगाया है, हालांकि दमकल विभाग का दावा है कि सूचना मिलते ही गाड़ियां रवाना कर दी गई थीं। मौके पर पहुंची डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा और एसडीआरएफ की टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि यह पता चल सके कि क्या रेनोवेशन के दौरान बिजली के तारों या एसी फिटिंग में कोई तकनीकी खामी रह गई थी।










