Lucknow News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने गुरुवार को लखनऊ में प्रवास कर रहे प्रसिद्ध संत Swami Avimukteshwaranand Saraswati से मुलाकात की। यह भेंट शहर के Krishna Nagar क्षेत्र में हुई, जहां स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद इन दिनों अपने कार्यक्रमों के सिलसिले में ठहरे हुए हैं। अखिलेश यादव अपने आवास से लगभग दोपहर 12:30 बजे स्वामी से मिलने के लिए रवाना हुए और उनके ठिकाने पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद संतों और साधुओं का हाथ जोड़कर अभिवादन किया और सम्मानपूर्वक प्रणाम किया।
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पार्टी नेताओं की भी रही मौजूदगी
इस मुलाकात के समय समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। अखिलेश यादव के साथ पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व मंत्री Rajendra Chaudhary तथा पूर्व सांसद Anu Tandon भी वहां पहुंचे थे। तीनों नेताओं ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से विभिन्न सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर चर्चा की। इस मुलाकात को राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हाल के दिनों में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद कई मुद्दों को लेकर चर्चा में रहे हैं।
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गोरक्षा अभियान को लेकर सक्रिय हैं स्वामी
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने हाल ही में देशभर में गोरक्षा को लेकर एक अभियान शुरू किया है। इसी अभियान के तहत उन्होंने बुधवार को लखनऊ से “गोरक्षा अभियान” का औपचारिक शुभारंभ किया था। दरअसल, उन्होंने 8 मार्च को Varanasi से अपनी यात्रा की शुरुआत की थी। इसके बाद वे विभिन्न जिलों का दौरा करते हुए 11 मार्च को Lucknow पहुंचे। इस यात्रा का उद्देश्य देश में गौसंरक्षण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाना और लोगों को इसके प्रति जागरूक करना बताया जा रहा है।
‘गाय को राष्ट्र माता’ का दर्जा देने की मांग
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने अभियान के तहत गाय को “राष्ट्र माता” का दर्जा दिलाने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने पूरे देश में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की भी बात कही है। इसी उद्देश्य को लेकर उन्होंने बुधवार को लखनऊ में एक सभा का आयोजन किया था, जिसमें बड़ी संख्या में उनके समर्थक और श्रद्धालु शामिल हुए। इस सभा में उन्होंने गौसंरक्षण को सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की।
कार्यक्रम की शर्तों को लेकर अखिलेश का सवाल
इस बीच, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के लखनऊ कार्यक्रम के लिए लगाई गई शर्तों को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि किसी भी धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम के आयोजन में अनावश्यक शर्तें लगाना उचित नहीं है। अखिलेश यादव ने इससे पहले भी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े एक अन्य विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। जनवरी में Magh Mela 2026 के दौरान Prayagraj में प्रशासन और पुलिस के साथ शंकराचार्य का विवाद सामने आया था। उस घटना के बाद कई राजनीतिक और सामाजिक नेताओं ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात कर उनका समर्थन व्यक्त किया था।
राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चा
लखनऊ में हुई यह मुलाकात इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि हाल के समय में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अभियान और उनके बयानों को लेकर देशभर में बहस चल रही है। ऐसे में अखिलेश यादव का उनसे मिलना राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर संवाद का एक प्रयास हो सकती है, वहीं कुछ लोग इसे प्रदेश की राजनीति के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण मान रहे हैं। फिलहाल, इस मुलाकात के बाद राजनीतिक और धार्मिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।










