Prateek Yadav Death Case : अपर्णा यादव के घर पहुंचेगी लखनऊ पुलिस, आखिर किस सच की हो रही तलाश?

प्रतीक यादव के निधन के बाद लखनऊ पुलिस ने सक्रियता बढ़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक, मौत की वजहों और आखिरी कॉल रिकॉर्ड्स खंगालने के लिए पुलिस अपर्णा यादव के आवास पर जाकर उनका फोन कब्जे में ले सकती है। आखिर इस अचानक हुई कार्यवाही के पीछे पुलिस को किस साजिश का शक है?

Prateek Yadav Death Case

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 13, 2026

Prateek Yadav Death Case : समाजवादी पार्टी के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का बुधवार को आकस्मिक निधन हो गया। 38 वर्षीय प्रतीक यादव बीजेपी नेता अपर्णा यादव के पति थे। उनकी मृत्यु की खबर से उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों और यादव परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। सूत्रों के अनुसार, प्रतीक आज सुबह अपने आवास के किचन में अचेत अवस्था में पाए गए थे, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

लखनऊ पुलिस ने शुरू की तफ्तीश: फोन लिया कब्जे में

प्रतीक यादव की अचानक हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसकी गंभीरता को देखते हुए लखनऊ पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस की एक टीम जल्द ही अपर्णा यादव के आवास पर जाकर घटनास्थल का मुआयना करेगी। पुलिस इस बात की गहनता से तफ्तीश करना चाहती है कि किचन में प्रतीक किन परिस्थितियों में अचेत हुए थे। जांच के शुरुआती हिस्से के तौर पर पुलिस ने प्रतीक यादव का मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया है ताकि उनके अंतिम कॉल रिकॉर्ड्स और संदेशों की जांच की जा सके। घर में मौजूद लोगों ने शाम 4:55 बजे अस्पताल को सूचना दी थी और 6 बजे के करीब उन्हें अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं: अस्पताल से जबरन ली थी छुट्टी

पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रतीक यादव पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। बीते 30 अप्रैल को उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि डॉक्टरों का कहना था कि उनकी हालत में सुधार है, लेकिन वे उन्हें पूरी तरह फिट न होने तक डिस्चार्ज करने के पक्ष में नहीं थे। इसके बावजूद, प्रतीक ने डॉक्टरों की सलाह को दरकिनार करते हुए जबरन अस्पताल से डिस्चार्ज लिया और घर आ गए। वह घर पर ही अपना इलाज और स्वास्थ्य लाभ (रिकवरी) जारी रखे हुए थे।

पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया: चार डॉक्टरों की टीम करेगी वीडियोग्राफी

प्रतीक के निधन की स्पष्ट वजह अभी सामने नहीं आई है, इसलिए शव को पोस्टमॉर्टम के लिए केजीएमयू (KGMU) भेज दिया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने निर्णय लिया है कि पूरे पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। चार विशेषज्ञों की टीम इस प्रक्रिया को अंजाम देगी ताकि मौत के कारणों का सटीक पता लगाया जा सके। पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और वहां अपर्णा यादव के भाई सहित परिवार के अन्य सदस्य मौजूद हैं।

अपर्णा यादव लखनऊ रवाना: दिल्ली में थीं मौजूद

घटना के वक्त प्रतीक की पत्नी और बीजेपी नेता अपर्णा यादव दिल्ली में थीं। जैसे ही उन्हें पति के निधन की दुखद सूचना मिली, वह तुरंत लखनऊ के लिए रवाना हो गईं। प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहकर अपना जिम और रियल एस्टेट का कारोबार संभालते थे, लेकिन मुलायम सिंह यादव के पुत्र होने के नाते वे हमेशा चर्चा में रहते थे। उनकी असामयिक मृत्यु ने परिवार के सामने एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। पुलिस की विस्तृत रिपोर्ट और पोस्टमॉर्टम के नतीजों के बाद ही इस दुखद घटना के पीछे की असली वजह साफ हो पाएगी।

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