
Lucknow Bulldozer Action: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की कैसरबाग कचहरी में रविवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल के साथ अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाने पहुंच गई। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में नगर निगम ने वकीलों के चेंबरों पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई शुरू की। एक तरफ मशीनों से अवैध ढांचे हटाए जा रहे थे, तो दूसरी तरफ नाराज वकील कचहरी के बाहर जुटकर विरोध करने लगे। देखते ही देखते धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू हो गई।
हाईकोर्ट के आदेश पर अवैध चेंबरों को हटाने की कार्रवाई

कैसरबाग कचहरी में चेंबर और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के निर्देश पर की जा रही है। नगर निगम की ओर से पहले ही चिह्नित निर्माणों पर निशान लगाए गए थे और संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर चेंबर खाली करने के लिए कहा गया था। अधिकारियों के मुताबिक, पहले भी दो बार कार्रवाई की जा चुकी है, जिसमें करीब 70 चेंबर हटाए गए थे। अब बाकी बचे निर्माणों को हटाने का अभियान चलाया जा रहा है।
रविवार सुबह नगर निगम का दस्ता बुलडोजर और कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचा। कार्रवाई शुरू होते ही कचहरी परिसर में हलचल बढ़ गई। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिसकर्मियों की तैनाती पहले से ही कर दी गई थी, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
72 या 300 चेंबर? कार्रवाई की संख्या पर अलग-अलग दावे
इस पूरे मामले में चेंबरों की संख्या को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आए हैं। नगर निगम की सूची के मुताबिक, मौजूदा कार्रवाई में 72 चेंबर हटाए जाने हैं। वहीं, वकीलों का दावा है कि करीब 300 चेंबरों पर कार्रवाई की जा रही है। इससे वकीलों में नाराजगी और बढ़ गई है।
विरोध कर रहे वकीलों का कहना है कि चेंबर हटाने से पहले उनके लिए दूसरी जगह की व्यवस्था की जानी चाहिए थी। उनका सवाल है कि अगर इतने बड़े पैमाने पर चेंबर हटा दिए जाएंगे, तो वकील बैठकर अपना काम कैसे करेंगे? वकीलों ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई से करीब 2,000 वकीलों के सामने कामकाज का संकट खड़ा हो सकता है। उनका कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना चेंबर हटाना उचित नहीं है।

वकीलों का धरना-प्रदर्शन, सरकार से वैकल्पिक जगह देने की मांग
नगर निगम की कार्रवाई के विरोध में वकीलों ने कचहरी के बाहर धरना दिया और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे वकीलों की मांग है कि उनके बैठने और कानूनी कामकाज के लिए पहले उचित स्थान उपलब्ध कराया जाए। उनका कहना है कि चेंबर केवल बैठने की जगह नहीं, बल्कि रोजाना होने वाले न्यायिक कार्यों का अहम हिस्सा हैं।
वकीलों को आशंका है कि चेंबर हटने से उनके कामकाज के साथ-साथ वहां आने वाले लोगों को भी परेशानी हो सकती है। इसी वजह से वे प्रशासन और सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने और कोई रास्ता निकालने की मांग कर रहे हैं।
कैसरबाग कचहरी में भारी पुलिस बल तैनात
वकीलों के विरोध को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। कचहरी परिसर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात रहा। एडीसीपी और कई एसीपी के नेतृत्व में अलग-अलग थानों की पुलिस के साथ पीएसी की कंपनियों को भी संवेदनशील जगहों पर लगाया गया।

नगर निगम और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर कार्रवाई की निगरानी करते रहे। अधिकारियों की कोशिश रही कि हाईकोर्ट के आदेश के तहत अतिक्रमण हटाने का काम पूरा हो और कानून-व्यवस्था भी बनी रहे। फिलहाल इस कार्रवाई को लेकर वकीलों और प्रशासन के बीच तनाव का माहौल बना हुआ है। अब देखना होगा कि वकीलों की वैकल्पिक जगह की मांग पर प्रशासन क्या कदम उठाता है।











