Lucknow Fire: लखनऊ के अलीगंज इलाके में स्थित कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी में लगी भीषण आग ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस दर्दनाक हादसे में कई छात्रों की मौत और कई लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया।
हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुट गईं। स्थानीय लोगों ने भी अपनी जान जोखिम में डालकर फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने में मदद की। हादसे के बाद से पूरे इलाके में शोक और गुस्से का माहौल है।
राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लखनऊ के कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस घटना में लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की खबर बेहद पीड़ादायक है। राहुल गांधी ने शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
उन्होंने इस हादसे को दुखद बताते हुए पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होने की बात कही। राहुल गांधी की प्रतिक्रिया के बाद इस घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
मायावती ने भी हादसे को बताया दर्दनाक
बसपा प्रमुख मायावती ने भी लखनऊ अग्निकांड पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं कई परिवारों की उम्मीदों को पलभर में तोड़ देती हैं। मायावती ने कहा कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए केवल बयानबाजी या आरोप-प्रत्यारोप काफी नहीं हैं, बल्कि ठोस कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने आग से सुरक्षा के नियमों को सख्ती से लागू करने और लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
दौरा बीच में छोड़कर लखनऊ लौटे सीएम योगी
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही छोड़ दिया। वह वहां एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे, लेकिन लखनऊ हादसे की सूचना मिलते ही उन्होंने तुरंत राजधानी लौटने का फैसला किया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पुलिस महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव गृह को मौके पर पहुंचकर पूरी रिपोर्ट देने को कहा। सीएम योगी ने साफ कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने राहत में देरी का दावा किया
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग अचानक भड़की और कुछ ही समय में इमारत के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। ऊपर की मंजिलों पर फंसे युवाओं ने जान बचाने के लिए खिड़कियों के शीशे तोड़े। कुछ लोग नीचे मौजूद लोगों की मदद से बाहर निकले, जबकि कई लोगों ने जान बचाने के लिए छलांग लगाने की कोशिश की।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड को सूचना देने के बाद भी मदद देर से पहुंची। एक चश्मदीद के मुताबिक, दमकल की गाड़ियां करीब आधे घंटे बाद मौके पर पहुंचीं। तब तक आग पेट शॉप और ऊपर बने हिस्सों तक फैल चुकी थी।
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सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे ने कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी और कमर्शियल इमारतों में फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि अगर सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन होता, तो शायद इतना बड़ा नुकसान टाला जा सकता था।










