Lucknow Fire: कोचिंग सेंटर में जल गए शादी के सपने, लखनऊ अग्निकांड में प्रेमी जोड़े की दर्दनाक मौत

लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने नीलेश कुमार और अनामिका सामंत की जान ले ली। दोनों जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाले थे और परिवारों में जश्न की तैयारी थी। इस दर्दनाक हादसे ने खुशहाल भविष्य के सपनों को राख में बदल दिया है। जानिए, कैसे एक पल में शादी का माहौल मातम में बदल गया।

Lucknow Fire

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 23, 2026

Lucknow Fire: लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने न केवल 15 लोगों की जान ली, बल्कि कई परिवारों के सपनों को भी राख कर दिया। इस हृदयविदारक हादसे में 27 वर्षीय नीलेश कुमार और 30 वर्षीय अनामिका सामंत की भी मौत हो गई। नीलेश और अनामिका, जो कोचिंग सेंटर में सहकर्मी थे, जल्द ही विवाह के बंधन में बंधने वाले थे। उनकी प्रेम कहानी का यह सुखद अंत उनके परिवारों के लिए किसी वज्रपात से कम नहीं है। अब उनकी शादी का जश्न हमेशा के लिए अंतिम संस्कार के मातम में बदल गया है।

कोचिंग सेंटर में हुई मुलाकात

नीलेश और अनामिका की मुलाकात इसी कोचिंग संस्थान में हुई थी। साथ काम करते हुए दोनों की दोस्ती गहरी हुई और धीरे-धीरे यह रिश्ता प्यार में बदल गया। दोनों के बीच सामंजस्य इतना बेहतर था कि उन्होंने जीवन भर साथ निभाने का निर्णय लिया। उनके लिए यह कोचिंग सेंटर महज एक दफ्तर नहीं, बल्कि उस नए जीवन की आधारशिला था, जिसकी शुरुआत वे जल्द ही करने वाले थे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था, और उसी संस्थान ने उनकी जान ले ली।

शादी के कार्ड और खुशियों के बीच छाया सन्नाटा

अनामिका के माता-पिता पिछले सप्ताह ही पश्चिम बंगाल से लखनऊ आए थे ताकि दोनों परिवारों की औपचारिक मुलाकात हो सके। सब कुछ तय हो चुका था और अगले साल दोनों की शादी की योजना थी। नीलेश के भाई अभिषेक ने भारी मन से बताया कि हाल ही में उनका ‘रोका’ संपन्न हुआ था। परिवार के लोग शादी की तैयारियों में व्यस्त थे और अगले सप्ताह बंगाल जाने की योजना बना रहे थे। आज उस घर में, जहाँ खुशियाँ गूंजनी चाहिए थीं, वहां केवल रोने-बिलखने की आवाजें आ रही हैं।

नीलेश की मेहनत और अधूरे अरमान

तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर रहे नीलेश एक बेहद मेहनती और समर्पित प्रोफेशनल थे। इस साल उन्हें प्रमोशन और सैलरी में अच्छी खासी बढ़ोतरी मिली थी, जिससे वे बहुत उत्साहित थे। नीलेश अपने परिवार के लिए एक नया घर बनवा रहे थे और चाहते थे कि आर्थिक रूप से स्थिर होने के बाद ही शादी करें। रिश्तेदारों के अनुसार, नीलेश का सपना था कि नए घर के तैयार होने के बाद वे अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करेंगे। उनकी मेहनत और घर बनाने की चाहत अब केवल एक दुखद स्मृति बनकर रह गई है।

हजारों सपनों का असामयिक अंत

अलीगंज की इस इमारत में लगी आग ने केवल दो जिंदगियों को नहीं, बल्कि एक साथ हजारों सपनों को जला दिया है। मारे गए अधिकांश लोग युवा थे, जो बेहतर भविष्य की उम्मीद में कोचिंग के लिए आते थे। इस घटना ने पूरे लखनऊ शहर को झकझोर कर रख दिया है। प्रशासन और कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा मानकों पर अब बड़े सवाल उठ रहे हैं, लेकिन नीलेश और अनामिका के परिवारों के लिए ये सवाल शायद ही कभी उनके खोए हुए प्रियजनों की कमी पूरी कर पाएंगे।