Lucknow Civil Court Attack: हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस की 10 टीमें मैदान में, सिविल कोर्ट हिंसा के आरोपी वकील फरार

लखनऊ के सिविल कोर्ट परिसर में पैरवी करने गए भाइयों पर वकीलों द्वारा जानलेवा हमला करने का मामला तूल पकड़ गया है। हाईकोर्ट के कड़े आदेश के बाद पुलिस कमिश्नरेट ने 10 टीमें गठित कर लखनऊ और आसपास के जिलों में दबिश तेज कर दी है। अदालत ने आरोपियों के प्रवेश पर रोक लगाने के साथ उनकी संपत्ति और आईटीआर की जांच के निर्देश दिए हैं।

Lucknow Civil Court Attack

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 30, 2026

Lucknow Civil Court Attack: लखनऊ के सिविल कोर्ट परिसर में पैरवी के लिए पहुंचे भाइयों पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस कमिश्नरेट ने अब अपनी कार्रवाई बेहद तेज कर दी है। हाईकोर्ट की कड़ी सख्ती के बाद पुलिस हरकत में आ गई है और फरार चल रहे आरोपी अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी के लिए कुल 10 विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें लखनऊ के साथ-साथ आसपास के कई जिलों में लगातार दबिश दे रही हैं।

हाईकोर्ट का कड़ा निर्देश

बताते चले कि, इस हाई-प्रोफाइल मामले को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए आदेश दिया है कि 24 अगस्त तक सभी आरोपी अधिवक्ता जिले की किसी भी अदालत में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा, अदालत ने आरोपियों के खिलाफ गोपनीय जांच कराने, उनके पिछले 10 वर्षों के आयकर रिटर्न यानी आईटीआर और कुल संपत्ति का पूरा ब्योरा सामने लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, पीड़ित भाइयों को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने के भी आदेश दिए गए हैं।

कोर्ट परिसर में घेरकर पीटने का गंभीर आरोप

तालाब गगनी शुक्ल निवासी शाकिर ने वजीरगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि 21 जुलाई को वह अपने भाइयों के साथ सिविल कोर्ट में पैरवी के लिए गया था। आरोप है कि वहां अधिवक्ता सौरभ वर्मा, यश पांडेय, हर्षित पांडेय और अभय प्रताप वर्मा समेत 40 से 50 लोगों ने उन्हें घेर लिया, बुरी तरह पीटा और एसोसिएशन के दफ्तर में खींचकर ले गए। पीड़ित का यह भी आरोप है कि गला दबाकर उनकी जान लेने की कोशिश की गई थी।

हाईकोर्ट की खंडपीठ ने लिया स्वतः संज्ञान

इस सनसनीखेज घटना का हाईकोर्ट ने खुद संज्ञान लिया। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए बेहद कड़ा रुख अपनाया। कोर्ट ने आदेश दिया कि आरोपी वकीलों की गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए आईबी से गोपनीय जांच कराई जाए और उनकी संपत्तियों तथा 10 साल के आयकर रिटर्न का खुलासा किया जाए। साथ ही पीड़ितों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

लखनऊ और पड़ोसी जिलों में ताबड़तोड़ दबिश

हाईकोर्ट के सख्त आदेशों के बाद पुलिस कमिश्नरेट ने फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। वजीरगंज थाने के इंस्पेक्टर राजेश त्रिपाठी के अनुसार, पुलिस टीमें लखनऊ के अलावा सीतापुर, उन्नाव, हरदोई और बाराबंकी जैसे पड़ोसी जिलों में भी लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।