Lucknow News: आशियाना में नाबालिग से दरिंदगी, निर्माणाधीन मकान में हाथ-पैर बांधकर किया दुष्कर्म

लखनऊ के आशियाना इलाके में एक निर्माणाधीन मकान में नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म की जघन्य वारदात सामने आई है। खराब मौसम से बचने के लिए रुकी किशोरी को बंधक बनाकर हैवानियत की गई। स्थानीय लोगों ने एक आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।

Lucknow News

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 8, 2026

Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र से मानवता को झकझोर देने वाली एक वारदात सामने आई है। मंगलवार की रात एक निर्माणाधीन मकान में शरण लेने वाली किशोरी के साथ हैवानियत की गई। जहां स्थानीय लोग इसे सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) बता रहे हैं, वहीं पुलिस फिलहाल एक किशोर की संलिप्तता की बात कह रही है। इस घटना ने राजधानी में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

खराब मौसम का फायदा उठाकर नाबालिग से हैवानियत

घटना के अनुसार, कन्नौज निवासी एक परिवार आशियाना की एक कॉलोनी में रहता है। मंगलवार रात करीब नौ बजे जब नाबालिग किशोरी काम से घर लौट रही थी, तभी अचानक मौसम बिगड़ने के कारण उसने एक निर्माणाधीन मकान में शरण ली। आरोप है कि इसी दौरान घात लगाकर बैठे एक किशोर ने अन्य साथियों के साथ मिलकर उसे दबोच लिया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि आरोपियों ने किशोरी के हाथ-पैर बांधकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। शोर सुनकर जब लोग जमा हुए, तो आरोपी दूसरी मंजिल से कूदकर भागने लगा, जिसे भीड़ ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

सामूहिक दुष्कर्म के आरोपों की गहन छानबीन

आशियाना पुलिस ने फिलहाल एक किशोर आरोपी को हिरासत में लिया है। हालांकि, स्थानीय लोगों और परिजनों का आरोप (Public Allegations) है कि इस जघन्य कृत्य में एक से अधिक लोग शामिल थे। पुलिस ने शुरूआती तौर पर सामूहिक दुष्कर्म की बात से इनकार किया है, लेकिन अन्य संदिग्धों की भूमिका की तलाश जारी है। आशियाना इंस्पेक्टर छत्रपाल सिंह ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पकड़े गए किशोर के साथ वारदात के समय और कौन-कौन मौजूद था।

सीसीटीवी कैमरों की मदद से विवेचना

इस आपराधिक मामले की सच्चाई तक पहुंचने के लिए पुलिस ने कॉलोनी में लगे सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage Evidence) को अपने कब्जे में लेना शुरू कर दिया है। कैमरों की मदद से उन चेहरों की पहचान की जाएगी जो उस रात निर्माणाधीन मकान के आसपास देखे गए थे। इधर, दरिंदगी का शिकार हुई किशोरी की हालत नाजुक बनी हुई है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता की हालत में सुधार होते ही उसका विस्तृत बयान दर्ज किया जाएगा, जिससे घटना की पूरी कड़ियाँ जोड़ी जा सकें।

महिलाओं की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना के बाद से स्थानीय कॉलोनी के लोगों में भारी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि निर्माणाधीन मकानों और सूनी कॉलोनियों में पुलिस गश्त न होने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि विवेचना पूरी तरह निष्पक्ष होगी और यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल, पुलिस मेडिकल रिपोर्ट और पीड़िता के बयान का इंतजार कर रही है ताकि कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।

लखनऊ की इस घटना ने समाज के सामने कई कड़वे सवाल रख दिए हैं। पुलिस की जांच और सीसीटीवी साक्ष्य ही तय करेंगे कि इस वारदात में कितने चेहरे शामिल थे। पीड़िता को न्याय दिलाना और अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाना अब प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।