Lucknow Fire: सोमवार देर शाम, लखनऊ के सांसद और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अलीगंज स्थित उस बहुमंजिला इमारत के पास पहुंचे, जहां आग ने तांडव मचाया था। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वरिष्ठ अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों का विस्तृत ब्यौरा लिया। इससे पहले, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद घटनास्थली का दौरा कर स्थिति देखी और केजीएमयू (KGMU) जाकर घायलों का कुशलक्षेम जाना। सीएम ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) के गठन का आदेश दिया है। इस दौरान उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक सहित कई उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।
राजनाथ सिंह ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया
बताते चले कि, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत हृदयविदारक बताया। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। राजनाथ सिंह ने आश्वस्त किया कि दुख की इस घड़ी में पूरा देश पीड़ित परिवारों के साथ एकजुट होकर खड़ा है। प्रशासन की ओर से पीड़ितों को हर संभव सहायता देने का वादा किया गया है।
त्रासदी का भयावह मंजर
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, अलीगंज स्थित इस बहुमंजिला इमारत में लगी आग में अब तक कम से कम 18 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में अधिकांश युवा छात्र और कर्मचारी शामिल हैं। आग इतनी भीषण थी कि बचाव कर्मियों को कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दमकल कर्मियों को इमारत की पिछली दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश करना पड़ा। घायलों का उपचार केजीएमयू और शहर के अन्य प्रमुख अस्पतालों में जारी है।
सुरक्षा का घेरा और बिजली व्यवस्था
घटना के बाद से पूरे सेक्टर डी में बिजली आपूर्ति काट दी गई है, जिससे चारों ओर अंधेरा छाया हुआ है। एहतियात के तौर पर घटनास्थल के 500 मीटर के दायरे को पुलिस ने छावनी में तब्दील कर दिया है और आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी है। रात के समय एम्बुलेंसों की आवाजाही निरंतर जारी रही। देर रात तक आईटी चौराहे से पुरनिया चौराहे तक भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि वीआईपी मूवमेंट और राहत गाड़ियों के लिए रास्ता सुगम बना रहे।
विपरीत परिस्थितियां और मानवीय संवेदना
एक ओर जहाँ पूरा शहर इस हादसे से स्तब्ध है, वहीं दूसरी ओर अलीगंज से डालीबाग तक बड़े मंगल के भंडारों के टेंट सजे हुए हैं। आग की इस दिल दहला देने वाली वारदात और दुखद माहौल के बीच, ये सजे हुए टेंट एक अजीब सी खामोशी और शहर के मिश्रित भावों को दर्शा रहे हैं। प्रशासन और आमजन इस कठिन घड़ी में एक-दूसरे को संबल देने का प्रयास कर रहे हैं।










