Lucknow Coaching Fire: राजधानी लखनऊ के बहुचर्चित अलीगंज अग्निकांड मामले में अब जिला प्रशासन और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने सबसे बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। एलडीए द्वारा इस अवैध इमारत को गिराने के लिए भवन स्वामियों को 15 दिन का नोटिस दिया गया था, जिसकी निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बाद आखिरकार प्राधिकरण ने खुद इस खतरनाक और अवैध निर्माण को जमींदोज करने का अभियान शुरू कर दिया है। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या विरोध से निपटने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी के जवानों को तैनात किया गया है।
भीषण अग्निकांड के बाद जांच में हुआ था खुलासा
गौरतलब है कि लखनऊ के अलीगंज इलाके में स्थित इसी बहुमंजिला इमारत में भयानक आग लगने की वजह से 15 बेकसूर लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद जब प्रशासनिक और तकनीकी जांच कराई गई, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पता चला कि इस इमारत का नक्शा केवल आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत कराया गया था, जबकि धरातल पर वहां बड़े पैमाने पर व्यावसायिक गतिविधियां और कोचिंग सेंटर संचालित किए जा रहे थे। इसके साथ ही भवन में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण की बात भी पुख्ता हुई, जिसके बाद एलडीए ने कड़ा रुख अपनाते हुए इमारत को गिराने का नोटिस जारी किया था।
LDA और पुलिस प्रशासन का कड़ा एक्शन
शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे लखनऊ विकास प्राधिकरण के तमाम आला अधिकारी और प्रशासनिक अमला भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा। इस दौरान कार्रवाई के लिए तीन बुलडोजर, एक हाइड्रोलिक मशीन और पोकलेन जैसी भारी मशीनें लाई गईं, जिनकी मदद से इस अवैध इमारत को गिराने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया गया। इस पूरी कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए एलडीए के लगभग 45 अधिकारी और 100 से अधिक पुलिसकर्मियों को मौके पर तैनात किया गया। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए इमारत के आसपास के रास्तों की बैरिकेडिंग कर दी और यातायात पूरी तरह डायवर्ट कर दिया ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
सुरक्षा को लेकर खड़े हुए थे गंभीर सवाल
आपको बता दें कि बीते 22 जून को लखनऊ के अलीगंज स्थित इस व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स में अचानक भीषण आग लग गई थी, जिसके पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। हादसे की विभीषिका इतनी भयानक थी कि अपनी जान बचाने के लिए कई छात्र इमारत की खिड़कियों से नीचे कूदते हुए और पानी के पाइपों के सहारे लटककर अपनी जान बचाते नजर आए थे। इस वीभत्स अग्निकांड में दम घुटने से 15 लोगों की असमय मौत हो गई थी, जिसके बाद शहर की सुरक्षा व्यवस्था और अवैध निर्माणों पर एक बहुत बड़ा प्रश्नचिह्न लग गया था। प्रशासन की यह मौजूदा ध्वस्तीकरण कार्रवाई इस बात का संदेश है कि नियमों की अनदेखी करने वालों को अब किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।










