Lucknow Coaching Fire: मोहर्रम के मौके पर नम हुई आंखें, मृतकों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

लखनऊ के अलीगंज कोचिंग सेंटर अग्निकांड में जान गंवाने वाले 15 लोगों की याद में मोहर्रम के अवसर पर एक भावुक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही पर आक्रोश जताते हुए प्रशासन से दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। लोगों ने भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोकने के लिए कड़े इंतजामों पर जोर दिया।

Lucknow Coaching Fire

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 25, 2026

Lucknow Coaching Fire: लखनऊ के अलीगंज कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड का दर्द अभी भी शहर के जख्मों पर ताजा है। बुधवार को मोहर्रम के पावन मौके पर एक ओर जहां मातम का माहौल था, वहीं दूसरी ओर अलीगंज हादसे में काल के गाल में समाए 15 निर्दोषों की याद में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। स्थानीय निवासियों, महिलाओं और बच्चों ने अपने हाथों में मोमबत्तियां थामकर उन जिंदगियों को श्रद्धांजलि दी, जिन्हें एक लापरवाही ने हमसे छीन लिया।

हर वर्ग ने की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना

इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मुस्लिम समाज के लोगों के साथ-साथ समाज के अन्य वर्गों के लोग भी भारी संख्या में शामिल हुए। वातावरण में शोक और संवेदना का गहरा असर था। सभी ने एक सुर में मृतकों की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इस भावुक आयोजन में समाजवादी पार्टी की नेता सुमैया राणा भी उपस्थित रहीं, जिन्होंने पीड़ित परिवारों के साथ अपनी गहरी संवेदनाएं साझा कीं और पुष्प अर्पित कर मृतकों को नमन किया।

दो मिनट का मौन रखकर दी गई अंतिम विदाई

श्रद्धांजलि सभा के दौरान एक पल ऐसा भी आया जब पूरा क्षेत्र दो मिनट के मौन के साथ ठहर सा गया। इस दौरान वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं। कोचिंग सेंटर के उस हादसे को याद कर लोग सिहर उठ रहे थे। सपा नेता सुमैया राणा ने भी हादसे में जान गंवाने वाले परिवारों के प्रति सांत्वना व्यक्त की। यह सभा केवल एक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि उन जिंदगियों के प्रति सम्मान का प्रतीक थी जिन्हें समय से पहले बुझा दिया गया।

सुरक्षा मानकों पर सवाल और सख्त कार्रवाई की मांग

कार्यक्रम में शामिल लोगों ने शासन-प्रशासन के सामने सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया। आक्रोशित लोगों का कहना था कि यदि इमारत में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होते, तो शायद 15 लोगों की जान बच सकती थी। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि इस दर्दनाक घटना के जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई हो। साथ ही, भविष्य में ऐसी किसी भी ‘मानव निर्मित आपदा’ को रोकने के लिए कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा जांच अनिवार्य करने पर जोर दिया गया।

इमारत की लापरवाही का स्याह सच

बीते 22 जून को लखनऊ के अलीगंज में घटी यह घटना शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर गई है। जांच में यह भयावह तथ्य सामने आया है कि कोचिंग सेंटर की उस इमारत में निकासी का एकमात्र रास्ता था। आग लगने के बाद धुएं और लपटों के कारण लोग अंदर ही फंस गए और बाहर निकलने का कोई विकल्प न होने के कारण दम घुटने से 15 लोगों की मौत हो गई। यह त्रासदी बताती है कि कैसे नियमों की अनदेखी सीधे तौर पर जानलेवा साबित होती है।