Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब दुबई से काठमांडू जा रहे एक अंतरराष्ट्रीय विमान को आपातकालीन स्थिति में उतरना पड़ा। तकनीकी सतर्कता और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए पायलट ने विमान को डायवर्ट करने का निर्णय लिया। इस घटना ने एयरपोर्ट की सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन को अलर्ट मोड पर ला दिया।
ईंधन की कमी और सुबह 8:22 बजे आपातकालीन लैंडिंग
शनिवार (11 अप्रैल 2026) की सुबह लखनऊ एयरपोर्ट के रनवे पर हलचल तेज हो गई। फ्लाई दुबई की विमान संख्या FZ 1133, जो दुबई से नेपाल की राजधानी काठमांडू की उड़ान पर थी, उसे सुबह 8 बजकर 22 मिनट पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। हवाई अड्डा सूत्रों के अनुसार, विमान में ईंधन का स्तर कम (Low Fuel Level) होने के कारण पायलट ने जोखिम न लेते हुए लखनऊ में उतरने का फैसला किया। विमान में कुल 154 यात्री सवार थे, जिन्हें सुरक्षित लैंडिंग के बाद राहत की सांस मिली।
यात्रियों की सुरक्षा और सुरक्षा एजेंसियों का पहरा
विमान के उतरते ही सुरक्षा एजेंसियां और एयरपोर्ट प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया। हालांकि विमान में ईंधन की कमी थी, लेकिन मानक सुरक्षा प्रक्रियाओं (Standard Operating Procedures) का पालन करते हुए सभी 154 यात्रियों को सुरक्षित रखा गया। फिलहाल विमान को रनवे से हटाकर निर्धारित बे (Bay) में खड़ा किया गया है। यात्री विमान के भीतर ही मौजूद हैं और सुरक्षा एजेंसियां तकनीकी जांच के साथ स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
लखनऊ एयरपोर्ट पर बार-बार होती इमरजेंसी लैंडिंग
यह पहली बार नहीं है जब चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर किसी विमान की आपातकालीन लैंडिंग (Emergency Landing) हुई हो। इससे ठीक कुछ दिन पहले, 31 मार्च को बागडोगरा से दिल्ली जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट को भी धुएं की चेतावनी के बाद यहीं उतारा गया था। लखनऊ एयरपोर्ट अपनी आधुनिक सुविधाओं और रणनीतिक स्थिति के कारण उत्तर भारत में विमानों के लिए एक प्रमुख ‘सेफ्टी डेस्टिनेशन’ के रूप में उभर रहा है।
‘पैन-पैन’ कॉल और एयर इंडिया एक्सप्रेस का पिछला मामला
पिछले मामले का जिक्र करते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि एयर इंडिया एक्सप्रेस के पायलट ने ‘मेड-डे’ के बजाय ‘पैन-पैन’ (PAN-PAN) कॉल की थी। ‘पैन-पैन’ का उपयोग तब किया जाता है जब स्थिति गंभीर हो लेकिन तत्काल जीवन का खतरा न हो। दुबई की फ्लाइट के मामले में भी पायलट ने समझदारी दिखाते हुए समय रहते एविएशन सुरक्षा प्रोटोकॉल (Aviation Safety Protocol) का पालन किया। ईंधन कम होने की स्थिति में लैंडिंग कराना एक एहतियाती कदम था ताकि किसी भी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके।










