LPG Gas Crisis: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और युद्ध के चलते वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति की जंग तेज हो गई है। इसी बीच भारत में भी एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर सवाल उठने लगे हैँ। विपक्ष ने इस मुद्दे को संसद में उठाते हुए सरकार से जवाब की अपील की है। हालांकि केंद्र सरकार ने इस बाक की पुष्टि की है कि देश में एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरीके से सुरक्षित है और किसी तरीके की कमी की कोई स्थिति नहीं है।
राज्यसभा में खरगे ने उठाया सवाल
आपको बता दें कि, सोमवार को राज्यसभा चुनाव के चलते खरगे ने कहा कि देश के लोगों को यह जानने का अधिकार है कि एलपीजी की आपूर्ति को लेकर सरकार की क्या योजना है। उन्होंने मांग की कि मुद्दे पर संसद में विस्तर रूप से चर्चा होनी चाहिए। वहीं, इसी बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने उन्हें बीच में टोकते हुए कहा कि सरकार पहले ही इस विषय पर जानकारी दे चुकी है। इसके बाद सदन में कुछ समय के लिए बहस तेज हो गई।
जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर लगाया आरोप

वहीं, इसी बीच बहस के दौरान केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष Jagat Prakash Nadda ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस हर संकट को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश करती है। नड्डा ने कहा कि यह संकट भारत की वजह से नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण पैदा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri पहले ही सदन में स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं। इसके बावजूद विपक्ष जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।
सिलेंडर की जमाखोरी को लेकर भी आरोप
नड्डा ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके एक नेता को गैस सिलेंडरों की जमाखोरी करते हुए पकड़ा गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में विपक्ष जनता को उकसाने का काम कर रहा है, जबकि सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने यह भी कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी कुछ लोग राजनीति करने से पीछे नहीं हटते, जो कि उचित नहीं है।
LPG Gas Crisis: पेट्रोल-डीजल और LPG को लेकर सरकार का बड़ा अपडेट, सप्लाई पूरी तरह सामान्य
सरकार ने गैस और तेल की आपूर्ति को बताया सुरक्षित
केंद्र सरकार की ओर से हाल ही में कहा गया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। रिपोर्ट के अनुसार घरेलू एलपीजी सिलेंडर की रिफिल बुकिंग में हाल के दिनों में गिरावट आई है। 13 मार्च को जहां यह संख्या करीब 88.8 लाख थी, वहीं अब यह घटकर लगभग 77 लाख के आसपास पहुंच गई है। सरकार का कहना है कि इस स्थिति के बावजूद देश में ऊर्जा आपूर्ति की व्यवस्था मजबूत है और किसी भी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय हालात से बढ़ी चिंता
दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ रहा है। ईरान ने युद्ध की स्थिति के चलते Strait of Hormuz के रास्ते पर नियंत्रण कड़ा कर दिया है। यह वही समुद्री मार्ग है जिससे भारत सहित कई देशों के तेल और गैस के जहाज गुजरते हैं। हालांकि हाल ही में ईरान ने दो भारतीय जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति दे दी है। उम्मीद जताई जा रही है कि ये जहाज जल्द ही भारत पहुंच जाएंगे, जिससे आपूर्ति को लेकर बनी चिंता कुछ हद तक कम हो सकती है।
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